UP में मजबूत हुआ हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर: साढ़े 9 वर्षों का कायाकल्प
“साढ़े नौ वर्षों में बदला यूपी का हेल्थ मॉडल”: जिला अस्पतालों से PHC तक स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प; हर जिले में सुलभ हुआ इलाज
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है। ‘निरोगी उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) से लेकर जिला अस्पतालों तक का व्यापक विस्तार किया है।
प्रदेश में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ-साथ क्रिटिकल केयर (Critical Care) और आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं को आम जनता के लिए सुलभ और किफायती बनाया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धियां: आंकड़े और विस्तार
विगत साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम किया गया है:
-
‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ की नीति: राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है, जिससे अब दूरदराज के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ता।
-
निःशुल्क डायग्नोस्टिक व पैथोलॉजी सेवाएं: जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स-रे, सीटी स्कैन और बुनियादी पैथोलॉजिकल जांच की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-
क्रिटिकल केयर यूनिट्स का सुदृढ़ीकरण: आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक जिला अस्पताल में वेंटिलेटर, आईसीयू बेड (ICU Beds) और ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेहतर हुआ इलाज का दायरा
स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलाइजेशन और विस्तार से राज्य के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंची हैं:
-
आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना: करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज कवच प्रदान कर सरकार ने आम नागरिकों को गंभीर बीमारियों के आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाई है।
-
एंबुलेंस बेड़े में रिकॉर्ड इजाफा: 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी आई है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित राहत मिल रही है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में एक मजबूत और आत्मनिर्भर राज्य बनाने वाले इन दूरदर्शी प्रयासों का सहर्ष स्वागत करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!
