ग्रीन गड़चिरोली मिशन को मिली नई उड़ान

सरकार को सौंपे 5 लाख पौधे, ग्रीन गड़चिरोली मिशन को मिली नई उड़ान

बाय: अनिल बेदाग

(मुंबई): वैश्विक स्तर पर गहराते जलवायु परिवर्तन और हर साल रिकॉर्ड तोड़ती भीषण गर्मी के इस दौर में महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले को एक नई और समृद्ध हरित पहचान देने की दिशा में एक बहुत बड़ी व ऐतिहासिक पहल सामने आई है [cite: मुंबई (अनिल बेदाग): जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के दौर में महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले को हरित पहचान देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है।]। क्षेत्र के औद्योगिक संगठन ‘सूरजगढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट’ ने मिलकर ‘ग्रीन गड़चिरोली मिशन’ के तहत एक अभूतपूर्व कदम उठाया है [cite: सूरजगढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट ने ग्रीन गड़चिरोली मिशन के तहत 5 लाख पौधे महाराष्ट्र सरकार को समर्पित कर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।]। दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से 5 लाख पौधे महाराष्ट्र सरकार को समर्पित किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा [cite: सूरजगढ़ इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट ने ग्रीन गड़चिरोली मिशन के तहत 5 लाख पौधे महाराष्ट्र सरकार को समर्पित कर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।]। यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, रोजगार और सामाजिक विकास के त्रिवेणी संगम को एक साथ जोड़ने वाला एक बेहद व्यापक और दूरदर्शी मिशन है [cite: यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, रोजगार और सामाजिक विकास को एक साथ जोड़ने वाला व्यापक मिशन है।]।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने रखी योजना

इस महा-अभियान की रूपरेखा को लेकर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक विशेष और महत्वपूर्ण मुलाकात संपन्न हुई:

  • सीएम के समक्ष प्रस्तुति: MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक और सूरजगढ़ इस्पात की डायरेक्टर नीता जोशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा ब्लूप्रिंट उनके समक्ष प्रस्तुत किया [cite: मुंबई में आयोजित एक विशेष मुलाकात के दौरान MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक और सूरजगढ़ इस्पात की डायरेक्टर नीता जोशी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के समक्ष इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रस्तुत किया।]।

  • प्रकृति और पर्यावरण को ताकत: इस मिशन के अंतर्गत रोपे जाने वाले ये 5 लाख पौधे गड़चिरोली के कुल वन व हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने, स्थानीय जैव विविधता (Biodiversity) को पूरी तरह संरक्षित करने और क्षेत्र के जलवायु संतुलन को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने में बेहद निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं [cite: मिशन के तहत लगाए जाने वाले 5 लाख पौधे गड़चिरोली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने, जैव विविधता को संरक्षित करने और जलवायु संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।]।

पर्यावरण संरक्षण के साथ मिला सैकड़ों आदिवासियों को रोजगार

सूरजगढ़ इस्पात और MIAM ट्रस्ट की इस अनूठी और दूरगामी पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ सीधे तौर पर स्थानीय समाज को भी आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है:

  • स्थानीय समुदाय की भागीदारी: इन 5 लाख पौधों के बड़े पैमाने पर उत्पादन, उनकी नर्सरी तैयार करने, रोपण और बाद में उनके उचित संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी से स्थानीय ग्रामीण समुदाय को सीधे तौर पर जोड़ा गया है।

  • महिला सशक्तिकरण और आजीविका: इस पूरी प्रक्रिया के चलते गड़चिरोली की 200 से अधिक स्थानीय महिलाओं को सीधे तौर पर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है, जबकि सैकड़ों पिछड़े आदिवासी परिवारों के लिए अपने ही क्षेत्र में आजीविका और कमाई के नए व स्थायी रास्ते खुल गए हैं।

एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य का मॉडल

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण व आर्थिक सशक्तिकरण को आपस में जोड़ने वाला यह सस्टेनेबल मॉडल आज पूरे देश के लिए एक नजीर बन रहा है। गड़चिरोली जैसे सुदूर और जनजातीय बहुल जिले को एक पूरी तरह से हरित, आत्मनिर्भर और टिकाऊ (Sustainable) भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में कॉर्पोरेट और सामाजिक संस्थाओं का यह साझा हरित संकल्प वास्तव में गड़चिरोली की पूरी तस्वीर और तकदीर बदलने की तैयारी है।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


 

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