ग्रेटर नोएडा: निरीक्षण टीम को स्कूल ने गेट बंद कर रोका

“ग्रेटर नोएडा में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल”: निरीक्षण करने पहुंची टीम को स्कूल प्रशासन ने बनाया बंधक; गेट ताला लगाकर बाहर रोका

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यालयों में पारदर्शिता लाने के सरकारी दावों के बीच ग्रेटर नोएडा के एक विद्यालय से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब जांच एवं निरीक्षण टीम (Inspection Team) ग्रेटर नोएडा स्थित एक स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंची, तो स्कूल प्रशासन ने सहयोग करने के बजाय मुख्य प्रवेश द्वार (School Doors) पर ताला जड़ दिया और टीम को भीतर दाखिल होने से रोक दिया।

हालांकि, स्कूल के भीतर निरीक्षण टीम को रोकने की यह घटना जितनी गंभीर थी, उससे कहीं अधिक चिंताजनक स्थिति स्कूल परिसर के ठीक बाहर देखने को मिली, जिसने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निरीक्षण टीम को रोका: ताला लगाकर भीतर नहीं जाने दिया

विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और नियमों के पालन का जायजा लेने पहुंची टीम के साथ स्कूल अधिकारियों का यह व्यवहार प्रशासनिक अवहेलना को दर्शाता है:

  • प्रशासनिक मनमानी: जांच टीम के पहुंचते ही स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में मुख्य दरवाजे पर ताला लगवा दिया। अधिकारियों को परिसर में प्रवेश न करने देना यह दर्शाता है कि विद्यालय प्रशासन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कुछ छिपाने का प्रयास कर रहा था।

  • पारदर्शिता का अभाव: सरकारी आदेशों के तहत विद्यालयों का नियमित निरीक्षण एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस प्रकार का आक्रामक और असहयोगी रवैया शिक्षा विभाग की गाइडलाइन्स का खुला उल्लंघन है।

“स्कूल के बाहर का दृश्य और भी खतरनाक”: उठे सुरक्षा पर सवाल

निरीक्षण टीम के अनुसार, स्कूल के भीतर रोके जाने से भी ज्यादा भयावह और निराशाजनक स्थिति विद्यालय परिसर के ठीक बाहर देखने को मिली:

  1. सुरक्षा एवं स्वच्छता की अनदेखी: स्कूल के ठीक बाहर विद्यार्थियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। मुख्य द्वार के बाहर अव्यवस्था और असुरक्षित माहौल यह स्पष्ट करता है कि छात्रों के दैनिक आवागमन पर प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है।

  2. अभिभावकों व स्थानीय निवासियों में रोष: इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि जो स्कूल निरीक्षण टीम के साथ ऐसा व्यवहार कर सकता है, वहां बच्चों की सुरक्षा का स्तर क्या होगा?

कड़ा संज्ञान और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता

शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की हठधर्मिता और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता:

  • प्रशासनिक जांच की मांग: शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए और तत्काल मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।

  • सुरक्षा ऑडिट जरूरी: क्षेत्र के सभी निजी व सरकारी विद्यालयों के बाहर यातायात, सुरक्षा और सुविधाओं का व्यापक सिक्योरिटी व इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट कराया जाना अत्यंत आवश्यक है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, छात्रों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का पूर्ण समर्थन करती है तथा मांग करती है कि इस घटना के दोषियों पर बिना किसी विलंब के कठोरतम कार्रवाई की जाए।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!

 

प्रयागराज: 50 हजार का इनामी हत्यारा रवि पासी गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: