ग्रेटर नोएडा में 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले का भव्य आगाज: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने किया उद्घाटन, एक अरब डॉलर निर्यात का लक्ष्य
“हस्तशिल्प और कला का वैश्विक महाकुंभ: ग्रेटर नोएडा में 62वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले का भव्य शुभारंभ”
विशेष रिपोर्ट: व्यापार एवं हस्तशिल्प (ऑल राइट्स मैगजीन)
ग्रेटर नोएडा/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) द्वारा आयोजित 62वें ‘आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026’ का भव्य उद्घाटन कर दिया गया है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह और केंद्रीय विदेश राज्य एवं कपड़ा राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा की गरिमामयी उपस्थिति में शुरू हुए इस पांच दिवसीय (13 से 17 अक्टूबर 2026) महाकुंभ ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार के नक्शे पर भारत की मजबूत साख को रेखांकित किया है।
1. एक अरब डॉलर निर्यात का लक्ष्य और नए बाजारों की तलाश
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वैश्विक पटल पर भारतीय हस्तशिल्प: उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत की पारंपरिक कलाओं, कलात्मक कौशल और रचनात्मक डिजाइन प्रतिभा में वैश्विक गिफ्ट और डेकोर मार्केट (जो 2026 में 75-76 बिलियन डॉलर और 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है) पर मजबूत पकड़ बनाने की अपार क्षमता है। उन्होंने ईपीसीएच और उद्योग जगत से हस्तशिल्प निर्यात को एक अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखने का आग्रह किया।

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शुल्क में बड़ी कटौती और भागीदारी: मंत्री ने मेले के पंजीकरण शुल्क में भारी कमी (8,500 रुपये से घटाकर 2,500 रुपये) किए जाने की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप इस बार प्रदर्शकों और खरीदारों की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली है। पहले ही दिन अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के प्रमुख देशों से भारी संख्या में खरीदार पहुंचे हैं।
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युवा प्रतिभाओं और नए निर्यातकों को प्रोत्साहन: मंत्री ने पहली बार निर्यात के क्षेत्र में उतरने वालों की संख्या कम से कम 10% तक बढ़ाने और युवा उद्यमियों को आगे आने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया।
2. पारदर्शी व्यापार के लिए ‘ईयूडीआर अनुपालन एप्लिकेशन’ लॉन्च
इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने ‘ईयूडीआर (EUDR) अनुपालन एप्लिकेशन’ का अनावरण किया। ईपीसीएच की यह पहल लकड़ी और लकड़ी से बने उत्पादों की कानूनी सोर्सिंग, उत्पत्ति, परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला को ट्रैक करने में मदद करेगी, जिससे वैश्विक बाजारों में जिम्मेदार और पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
3. 17 समर्पित हॉल और 3,000 से अधिक प्रदर्शक
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व्यापक प्रदर्शन: इस बार के संस्करण में होम, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग, फर्नीचर और इंटीरियर उत्पादों की विशाल श्रृंखला को प्रदर्शित करने के लिए 17 समर्पित हॉल बनाए गए हैं, जिनमें 3,000 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, परिसर में स्थित 900 स्थायी शोरूम और मार्ट भी खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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पारंपरिक शिल्प का संरक्षण: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि यह मेला केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों से चली आ रही भारत की पारंपरिक शिल्प कौशल के संरक्षण का भी प्रतीक है।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, महानिदेशक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार तथा स्वागत समिति के सभी पदाधिकारियों ने देश-विदेश से आए मेहमानों का स्वागत किया। आयोजन के दौरान आगामी दिनों में ‘ग्लोबल बायर ट्रेंड्स 2027’, ‘उत्पादन और सोर्सिंग में एआई’ और ‘ईयूडीआर अनुपालन’ जैसे विषयों पर विशेष नॉलेज सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
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