त्वीषा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह
त्वीषा केस: कोर्ट में भड़कीं पूर्व जज गिरिबाला, खुद पैरवी करते हुए बोलीं- बंद हो मीडिया ट्रायल; सीबीआई ने नहीं मांगी रिमांड
(नई दिल्ली): मॉडल और अभिनेत्री त्वीषा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े हाईप्रोफाइल मामले में मंगलवार, 02 जून 2026 को विशेष अदालत में उस समय भारी गहमा-गहमी और तीखी बहस देखने को मिली, जब सीबीआई (CBI) ने पांच दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने दोनों आरोपितों की और आगे की पुलिस रिमांड नहीं मांगी, बल्कि उन्हें न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आग्रह किया।
गिरिबाला सिंह ने खुद की पैरवी, मीडिया ट्रायल पर जताई कड़ी आपत्ति
अदालत की कार्यवाही के दौरान आरोपित पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह का बेहद आक्रामक रुख देखने को मिला। उन्होंने किसी वकील के बजाय स्वयं खड़े होकर अपनी पैरवी की और मामले के मीडिया कवरेज को लेकर कोर्ट के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
कठघरे में खड़ी गिरिबाला सिंह ने कोर्ट से कहा:
“इस पूरे मामले में लगातार एकतरफा मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है। भ्रामक खबरों और मीडिया ट्रायल की वजह से न सिर्फ हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है, बल्कि इससे अब हमारी जान और सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।”
वित्तीय और दहेज उत्पीड़न के पहलुओं की जांच कर रही सीबीआई
सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकीलों ने अदालत को अवगत कराया कि पांच दिनों की पूछताछ के बाद अब वे इस मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ रहे हैं। जांच एजेंसी इस हाईप्रोफाइल संदिग्ध मौत मामले में अब मुख्य रूप से दो बड़े पहलुओं पर अपनी तफ्तीश केंद्रित कर रही है:
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वित्तीय लेन-देन: त्वीषा शर्मा और आरोपितों के बीच हुए संदिग्ध बैंक और वित्तीय ट्रांजैक्शंस की बारीकी से जांच की जा रही है।
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दहेज का कोण: मामले में लगे दहेज उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भी गवाहों और सबूतों को खंगाला जा रहा है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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