ग्रेटर नोएडा में फंगस वाली गुजिया

ग्रेटर नोएडा: नामचीन आउटलेट की गुजिया में निकली सफेद, हरी और काली फंगस; खाकर बच्चे की बिगड़ी तबीयत, खाद्य विभाग ने लिए सैंपल

(ग्रेटर नोएडा): उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक नामचीन मिष्ठान प्रतिष्ठान से ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगाई गई गुजिया में सफेद, हरी और काली फंगस (उल्का/फफूंद) लगी हुई पाई गई। इस दूषित और फंगसयुक्त गुजिया को खाने से एक ग्राहक के मासूम बेटे की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद हरकत में आए खाद्य सुरक्षा विभाग ने आउटलेट पर छापेमारी कर मिठाइयों के नमूने भरे हैं।

ऑनलाइन मंगाई थी गुजिया, डिब्बा खोलते ही उड़े होश

मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के एक स्थानीय निवासी ने क्षेत्र के प्रसिद्ध ‘बीकानेरवाला स्वीट्स’ (Bikanervala Sweets) आउटलेट से ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए गुजिया का एक डिब्बा ऑर्डर किया था। जब घर पर डिब्बा खोलकर देखा गया, तो उसमें रखी गुजिया पूरी तरह खराब हो चुकी थी और उस पर खतरनाक सफेद, हरी और काली फंगस की मोटी परत जमी हुई थी।

मासूम बच्चे की बिगड़ी तबीयत

शिकायतकर्ता के मुताबिक, डिब्बे को पूरी तरह चेक करने से पहले ही उनके बेटे ने गुजिया का एक टुकड़ा खा लिया था। फंगसयुक्त और दूषित मिठाई पेट में जाते ही बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई, उसे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। आनन-फानन में परिजनों ने बच्चे को नजदीकी डॉक्टर के पास पहुँचाया, जहाँ उसका उपचार किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने की छापेमारी, भरे नमूने

प्रतिष्ठित ब्रांड के आउटलेट से इस तरह की जानलेवा लापरवाही सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने इसकी आधिकारिक शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) से की।

  • अधिकारियों ने डाला डेरा: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने तुरंत संबंधित बीकानेरवाला आउटलेट पर धावा बोला।

  • सैंपल्स भेजे गए लैब: टीम ने मौके पर मौजूद गुजिया और अन्य संदिग्ध मिठाइयों के स्टॉक का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के लिए उनके नमूने (सैंपल) सील किए।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन नमूनों को सरकारी खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला (Lab) में जांच के लिए भेजा जा रहा है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट या तय मानकों से खिलवाड़ की पुष्टि होती है, तो संबंधित मिष्ठान विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर नामचीन फूड ब्रांड्स के क्वालिटी कंट्रोल और साफ-सफाई के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


धनबाद कांग्रेस में कलह राहुल गांधी को पत्र!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: