किसानों की हुंकार: NCERT किताबें अनिवार्य हों
बरेली: भारतीय किसान एकता संघ ने उठाई आवाज; बिजली मीटर, शिक्षा और सिंचाई परियोजना को लेकर सौंपा ज्ञापन
किसानों और आमजन की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान एकता संघ ने एक बार फिर हुंकार भरी है। संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रमुख मांगें: शिक्षा से लेकर सिंचाई तक
राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में तीन प्रमुख मुद्दों को रेखांकित किया गया है:
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शिक्षा का सरलीकरण (NCERT किताबें): किसानों ने मांग की है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में NCERT की किताबें अनिवार्य रूप से लागू की जाएं। उनका तर्क है कि निजी स्कूलों द्वारा थोपी जा रही महंगी किताबों के कारण गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के बच्चे शिक्षा से दूर हो रहे हैं।
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प्रीपेड मीटर का विरोध: डॉ. नागर ने प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को ‘किसान विरोधी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगी बिजली और फसलों के भुगतान में देरी झेल रहे किसानों के लिए यह व्यवस्था मुसीबत का सबब बनेगी।
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बरेली-बदायूं सिंचाई परियोजना: क्षेत्र के हजारों किसानों के हित में बरेली-बदायूं सिंचाई परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की मांग की गई है, ताकि सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि ये मांगें केवल किसानों की नहीं, बल्कि समाज के हर वंचित वर्ग की हैं। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से सरकार को संदेश दिया कि यदि इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
समारोह में उपस्थिति
इस दौरान यज्ञ प्रकाश गंगवार, पंडित राजेश शर्मा, गिरीश गोस्वामी, डॉ. अंशु भारती सहित बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे।
- रोहिताश कुमार भास्कर पत्रकार
- सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)

