पटना में विश्व संगीत दिवस पर कार्यक्रम
पटना में सुरों की सजी महफिल! विश्व संगीत दिवस पर भारतीय नृत्य कला मंदिर में मनमोहक प्रस्तुतियां; मंत्री प्रमोद कुमार बोले- ‘संगीत है अमूल्य धरोहर’
पटना (बिहार):
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा भारतीय नृत्य कला मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पटना के प्रसिद्ध हरि उप्पल प्रेक्षागृह में विश्व संगीत दिवस (World Music Day) के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इस संगीत उत्सव में बिहार के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन कला, सुरों और ताल की जुगलबंदी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
🎶 “संगीत भाषा और सीमाओं से परे जाकर समाज को जोड़ता है”
उद्घाटन सत्र के दौरान उपस्थित अतिथियों ने भारतीय संगीत की महान परंपरा पर अपने विचार साझा किए:
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मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार का संदेश: उन्होंने संगीत को भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर बताते हुए कहा, “संगीत समाज को जोड़ने का काम करता है. यह भाषा, क्षेत्र और भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों को मिलाता है.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार राज्य की समृद्ध और प्राचीन संगीत परंपरा के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है.
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अधिकारियों के विचार: कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार (IAS) ने कहा कि संगीत हमारी सांस्कृतिक पहचान है और यह नई पीढ़ी को उनकी जड़ों से जोड़ता है. वहीं, निदेशक (सांस्कृतिक कार्य) श्रीमती रूबी (IAS) ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि संगीत जीवन को संवेदनशीलता और रचनात्मकता से भर देता है.
💃 शिव स्तुति से शुरुआत, तबला-बांसुरी की जुगलबंदी ने लूटी वाहवाही
सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय नृत्य से लेकर लोक संगीत और वाद्य यंत्रों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं:
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कथक और जुगलबंदी: कार्यक्रम का आगाज़ कथक शिक्षक कुमार कृष्ण किशोर के निर्देशन में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक ‘शिव स्तुति’ से हुआ. इसके बाद शांतनु राय और मोहम्मद सलीम के बीच हुई तबला-बांसुरी की बेजोड़ जुगलबंदी ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी.
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भोजपुरी झूमर पर झूमे दर्शक: लोकगीत विभाग ने मनोरंजन ओझा के कुशल निर्देशन में पारंपरिक भोजपुरी झूमर “मोरी झुलनियां के छइयां…” और “अमुआ मड़ुआ के झूमि डलरिया…” की ऐसी शानदार प्रस्तुति दी कि प्रेक्षागृह में मौजूद दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए.
🎸 गिटार से लेकर मीरा भजन तक का सफर
कार्यक्रम के उत्तरार्ध में विभिन्न विभागों के प्रतिभावान छात्रों और शिक्षकों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया:
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विभागीय प्रस्तुतियां: संगीत रचना विभाग ने अशोक कुमार प्रसाद, वाद्य संगीत विभाग ने शांतनु राय व बबलू मिश्रा और गिटार विभाग ने राकेश कुमार रंजन के निर्देशन में मंच पर सुरों का जादू बिखेरा.
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शास्त्रीय गायन और भजन: कार्यक्रम के अंतिम चरण में शास्त्रीय गायन के छात्रों हिताक्ष और हर्ष ने राग आधारित बेहद कठिन ‘ख्याल’ पेश किया, जिसमें तबले पर आदित्य विमल और हिमांशु कुमार ने लाजवाब संगत की. समापन पर प्रस्तुत किए गए भावपूर्ण ‘मीरा भजन’ ने वहां मौजूद सभी कला प्रेमियों को भावविभोर कर दिया.
इस गरिमामयी कार्यक्रम का समग्र निर्देशन डॉ. बम कुमारी मिश्रा द्वारा किया गया, जबकि मंच संचालन श्रीमती सोमा चक्रवर्ती ने बखूबी निभाया. कार्यक्रम के अंत में संयुक्त सचिव महमूद आलम ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस अवसर पर विभाग के अवर सचिव श्रीमती कहकशाँ सहित भारी संख्या में कलाकार, छात्र-छात्राएं और पटना के गणमान्य कला प्रेमी उपस्थित रहे.
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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