बरेली DM का बड़ा एक्शन: वेतन रोका
काम नहीं तो वेतन नहीं! बरेली DM का बड़ा एक्शन; 9 अफसरों की सैलरी रोकी, 26 को नोटिस
विशेष रिपोर्ट: जिला व प्रशासनिक ब्यूरो
बरेली: जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। जुलाई 2026 में आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद मिले फीडबैक की समीक्षा के आधार पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। जनता की समस्याओं के समाधान में शून्य फीडबैक पाने वाले 9 अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले 26 अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर या खानापूर्ति करके बंद करना अब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन 9 अधिकारियों की रोकी गई सैलरी
जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतकर्ताओं का संतुष्टि प्रतिशत (फीडबैक) शून्य रहने पर जिलाधिकारी ने निम्नलिखित अधिकारियों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है:
-
अधिशासी अभियंता: ग्रामीण विद्युत (प्रथम)
-
चकबंदी अधिकारी: फरीदपुर
-
औषधि निरीक्षक: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
-
क्षेत्रीय अधिकारी: आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग
-
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO): आलमपुर जाफराबाद
-
नगर स्वास्थ्य अधिकारी: नगर निगम बरेली
-
प्रधानाचार्य: प्राविधिक शिक्षा
-
बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO): रामनगर
-
सब-रजिस्ट्रार: मीरगंज
26 अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’
जिन विभागों और अधिकारियों का संतुष्टि प्रतिशत 25% से 60% के बीच पाया गया, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
-
सहायक आयुक्त खाद्य-2 एवं जिला आबकारी अधिकारी
-
अधिशासी अभियंता (जल निगम ग्रामीण) व जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
-
विभिन्न तहसीलों के तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी व CDPO
-
परियोजना अधिकारी (नेडा) व प्रभारी चिकित्साधिकारी
-
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (परिवहन निगम)
-
पंचायत राज, विद्युत, सिंचाई, कृषि और शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी।
“कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी” — DM अविनाश सिंह
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली हर एक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक कार्रवाई दिखाकर फाइल बंद करने वाले अफसरों की जवाबदेही तय होगी। यदि भविष्य में भी शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और अधिक कठोर प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आकर्षक थंबनेल HEADLINES:
-
Bareilly DM Avinash Singh Action: “काम नहीं तो वेतन नहीं!” — बरेली DM का बड़ा एक्शन; 9 अफसरों की सैलरी रोकी, 26 को नोटिस!
-
IGRS Portal Review Bareilly: जनसुनवाई में लापरवाही पर गाज; जानिए किन-किन विभागों के अफसरों पर गिरी बिजली?
-
Strict Order By Bareilly District Magistrate: कागजी निस्तारण करने वाले अफसरों की खैर नहीं; बरेली में मचा प्रशासनिक हड़कंप
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

