बरेली में वकील के प्लॉट पर कब्जा
कानून पर भारी दबंगई: बरेली में लिखित समझौते के बाद भी वकील के प्लॉट पर कब्ज़ा, जान से मारने की धमकी
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना इज्जतनगर क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर चौधरी में एक पुश्तैनी प्लॉट को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट, प्रशासन और नगर निगम के आदेशों को ठेंगे पर रखकर स्थानीय दबंगों और एक पार्षद द्वारा गुंडागर्दी करने का संगीन आरोप लगा है। पीड़ित वकील ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा तथा दबंगों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी (DM) बरेली को पांच पन्नों का विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा है।
क्या है फरीदपुर चौधरी का यह ज़मीन विवाद?
मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर चौधरी का है। यहाँ के निवासी अकील उद्दीन, जो पेशे से एडवोकेट (वकील) हैं, उनकी गाटा संख्या 78 और गाटा संख्या 135 में पुश्तैनी खाली प्लॉट की ज़मीन है।
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अवैध सड़क का निर्माण: सरकारी राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, इन दोनों गाटा संख्याओं के बीच कोई भी सरकारी रास्ता या चकमार्ग दर्ज नहीं है। इसके बावजूद, इस साल 29 मार्च 2026 को कुछ दबंगों ने पीड़ित के निजी प्लॉट पर कब्ज़ा करने की नीयत से जबरन सीसी (CC) सड़क का निर्माण करा दिया।
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प्रशासनिक पैमाइश और ध्वस्तीकरण: पीड़ित वकील द्वारा नगर निगम, आईजीआरएस (IGRS) और जिलाधिकारी से शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी (SDM) बरेली के आदेश पर 18 अप्रैल 2026 को आधिकारिक पैमाइश की गई। रिपोर्ट में ज़मीन अकील उद्दीन की सिद्ध होने पर 27 जून 2026 को नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध सड़क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।
लिखित समझौते को ताक पर रखकर जानलेवा हमला
सरकारी कार्रवाई के बाद मामला शांत रखने के लिए 27 जून 2026 को ही दोनों पक्षों के बीच एक लिखित सहमति पत्र तैयार हुआ था। इस समझौते पर वार्ड नंबर 28 के पार्षद मैसर अली खान, उनके पिता नासिर अली खान और पीड़ित पक्ष के हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत नाली निर्माण और पीड़ित को अपनी चहारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) बनाने की अनुमति दी गई थी।
लेकिन कहानी में खौफनाक मोड़ 8 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे आया:
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लाठी-डंडों के साथ पहुंची भीड़: जब अकील उद्दीन ने अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराया, तभी वार्ड 28 के पार्षद मैसर अली खान और उनके पिता नासिर अली खान 20-25 अज्ञात महिलाओं और पुरुषों की भीड़ लेकर लाठी-डंडों के साथ वहां धमक पड़े और काम रुकवा दिया।
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दफन करने की धमकी: आरोप है कि दबंगों ने वहां रखे सीमेंट के पाइप तोड़ दिए और नाली के गंदे पानी का बहाव प्लॉट की तरफ मोड़ दिया। जब पीड़ित वकील ने इस गुंडागर्दी का वीडियो बनाना चाहा, तो उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की गई और सरेआम धमकी दी गई—“अगर दोबारा इस प्लॉट पर कदम रखा, तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को ज़िंदा इसी प्लॉट में दफन कर देंगे।” पीड़ित ने किसी तरह डायल 112 पुलिस को बुलाकर अपनी जान बचाई।
इंसाफ के लिए जिलाधिकारी के दर पर पहुंचे पीड़ित एडवोकेट
आज 14 जुलाई 2026 को पीड़ित अकील उद्दीन एडवोकेट ने बरेली के ज़िलाधिकारी को इस पूरी घटना का पांच पन्नों का लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र के साथ नगर निगम का सहमति पत्र, राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट, कोर्ट के आदेश और घटना के पुख्ता वीडियो साक्ष्य समेत 8 बड़े सबूत संलग्न किए हैं।
पीड़ित पक्ष की मुख्य मांगें:
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सरकारी समझौते का उल्लंघन करने और कानून हाथ में लेने वाले पार्षद मैसर अली खान व अन्य दबंगों के खिलाफ तत्काल सख्त एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
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पीड़ित के निजी प्लॉट पर निर्माण कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
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सरेआम जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपियों से पीड़ित और उनके परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान की जाए।
अब देखना यह होगा कि जब प्रशासन स्वयं ज़मीन की पैमाइश कर चुका है और नगर निगम अवैध निर्माण तोड़ चुका है, तो इन दबंगों पर नकेल कसने के लिए बरेली प्रशासन क्या कदम उठाता है।
- बरेली से अमरजीत
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
- (एडिटर (Allrights Magazine)

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