आशुतोष अग्रवाल के घर ईडी का छापा
बरेली: आईफोन शोरूम मालिक व कैडबरी डिस्ट्रीब्यूटर आशुतोष अग्रवाल के घर ईडी का छापा; पंजाब के 100 करोड़ के जीएसटी घोटाले से जुड़े तार
विशेष अपराध रिपोर्ट
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के बड़े कारोबारी जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध आईफोन शोरूम ‘आई क्रिस्ट’ के मालिक और कैडबरी चॉकलेट के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर आशुतोष अग्रवाल मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दिल्ली से आई चार सदस्यीय टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कारोबारी के मारवाड़ीगंज स्थित आवास पर तड़के छापा मारा।
ईडी की यह कार्रवाई पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े 100 करोड़ रुपये के बहुचर्चित जीएसटी (GST) घोटाले और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क से संबंधित बताई जा रही है।
सुबह 7 बजे ही ईडी ने डाला डेरा, मोबाइल जब्त और लैंडलाइन काटी
प्रवर्तन निदेशालय की इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। छापे की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय और सख्त रखा गया:
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प्रेमनगर थाने पहुंची टीम: मंगलवार सुबह करीब 6:00 बजे ईडी के चार वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से सीधे प्रेमनगर थाने पहुंचे। वहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फोर्स की मांग की गई, जिसके बाद दो दारोगा और सिपाही टीम के साथ रवाना हुए।
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संपर्क के सारे रास्ते बंद: सुबह ठीक 7:00 बजे टीम ने आशुतोष अग्रवाल के मारवाड़ीगंज स्थित आवास पर धावा बोल दिया। अंदर दाखिल होते ही सबसे पहले आशुतोष और उनके परिजनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह काटने के लिए घर के लैंडलाइन कनेक्शन का तार भी काट दिया गया।
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कड़ा पहरा: सुरक्षा बलों ने घर के अंदर और बाहर कड़ा पहरा बैठा दिया। छापेमारी के दौरान न तो घर के किसी सदस्य को बाहर आने की अनुमति थी और न ही बाहर से किसी कर्मचारी या रिश्तेदार को अंदर जाने दिया गया।
दस्तावेजों, नकदी और आभूषणों के स्रोत खंगालने में जुटी टीम
देर रात तक चली इस मैराथन छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारी आशुतोष अग्रवाल के घर से मिले कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों, भारी मात्रा में नकदी (कैश) और सोने-चांदी के जेवरातों के वैध स्रोत (Source) को खंगालने में जुटे रहे। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि व्यापार में लगी इस अकूत संपत्ति का कोई हिस्सा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से तो नहीं आया है।
पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े हैं तार
आशुतोष अग्रवाल लंबे समय से मोबाइल फोन के थोक और खुदरा कारोबार से जुड़े हैं, और इसी कारोबार के जरिए उनके तार पंजाब की सियासत और बड़े घोटाले से जुड़े:
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9 मई को हुई थी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी: बताया जा रहा है कि आशुतोष अग्रवाल का सीधा संपर्क पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से था। बीते 9 मई को ईडी ने संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग और 100 करोड़ रुपये के विशालकाय जीएसटी घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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फर्जी बिलिंग का खेल: जांच में सामने आया था कि पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा ने कई फर्जी (शेल) कंपनियां बनाकर मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के फर्जी बिल तैयार किए थे और इनके जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की हेराफेरी की थी।
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देशभर में 6 जगहों पर कार्रवाई: संजीव अरोड़ा से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए ईडी को बरेली के इस बड़े कारोबारी के खिलाफ पुख्ता सुराग मिले थे। इसी के तहत मंगलवार को देश भर में छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें आशुतोष अग्रवाल का यह आवास भी शामिल था।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद बरेली के सर्राफा और कूटनीतिक व्यापारिक गलियारों में भारी सन्नाटा पसरा हुआ है। ईडी की आगामी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा होगा कि बरेली से इस 100 करोड़ के घोटाले में कितनी रकम का ट्रांजैक्शन किया गया था।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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