शेखपुरा: मंत्री दीपक प्रकाश सख्त
शेखपुरा में पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा
शेखपुरा (बिहार): बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने शनिवार को समाहरणालय के मंथन सभागार में जिले में संचालित पंचायती राज विभाग की विभिन्न विकास योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित व जारी विकास कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में उप विकास आयुक्त (DDC) द्वारा मुख्य अतिथि मंत्री महोदय को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु:
1. पंचायत सरकार भवन की प्रगति
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भवनों की स्थिति: जिले की कुल 49 पंचायतों में से अब तक 26 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिनमें से 19 का लोकार्पण और 22 भवनों का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को कर दिया गया है।
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ताजा हस्तांतरण: चेवाड़ा प्रखंड की सियानी पंचायत भवन का हस्तांतरण 10 जुलाई को तथा बरबीघा की पाक पंचायत भवन का हस्तांतरण 9 जुलाई को संपन्न हुआ।
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प्रशासनिक संचालन: वर्तमान में 22 भवनों में विद्युत कनेक्शन चालू होने के साथ डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, 14 ऑपरेटरों को आधार सेवाओं के संचालन हेतु आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत किया जा चुका है।
2. मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना
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शत-प्रतिशत लक्ष्य: E-Sharp Solar Solution और Lord’s Mark Pvt. Ltd. ने अपने आवंटित 960-960 लाइटों के सापेक्ष 100% अधिष्ठापन का कार्य पूरा कर लिया है।
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धीमी प्रगति पर चेतावनी: Naw Dharam Energy Pvt. Ltd. ने आवंटित 2770 लाइटों में से अब तक केवल 2710 लाइटें ही लगाई हैं। मंत्री ने खराब और अमानक लाइटों पर लगी पेनाल्टी की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिया कि 72 घंटे से अधिक समय से बंद पड़ी लाइटों को तुरंत ठीक किया जाए।
3. भूमि चिन्हीकरण एवं मोक्षधाम निर्माण
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भूमि हस्तांतरण: जिले की 49 पंचायतों में से केवल 11 को ही विभागीय स्वीकृति मिली है। 32 पंचायतों में अंचलाधिकारी (CO) द्वारा नई भूमि चिन्हित की गई है। हालांकि, अरियरी के डीहा व कसार और बरबीघा के कुटौत व सर्वा में भूमि का चिन्हीकरण होना अभी शेष है। मंत्री ने CO से समन्वय स्थापित कर भूमि हस्तांतरण में तेजी लाने को कहा।
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असंतोषजनक स्थिति: मोक्षधाम निर्माण की समीक्षा में अरियरी में 13 में से 8 और शेखोपुरसराय में 12 में से 9 इकाइयां ही क्रियाशील पाई गईं। वहीं चेवाड़ा, बरबीघा, घाटकुसुम्भा और शेखपुरा प्रखंडों में प्रगति पूरी तरह शून्य मिलने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई।
4. वित्तीय एवं योजनात्मक प्रगति
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15वां वित्त आयोग: जिला परिषद ने आवंटित राशि का 61% खर्च कर 93% योजनाओं को धरातल पर उतारा है, जबकि पंचायत समितियों का वित्तीय खर्च 46% रहा।
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ग्राम पंचायत स्तर: 15वें वित्त के तहत 25.17% राशि खर्च कर 90.44% कार्य पूरे किए गए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत 77.97% राशि खर्च कर 90.41% विकासात्मक कार्य पूर्ण हुए हैं। पूरे जिले में शेखोपुरसराय और चेवाड़ा प्रखंड का वित्तीय प्रदर्शन सबसे बेहतर आंका गया।
विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश
समीक्षा के उपरांत पंचायती राज मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने उपस्थित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने हेतु 5 सूत्रीय निर्देश दिए:
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गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला (Quality Control Lab) की रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण कार्यों की शुचिता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
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सभी संबंधित विभाग समय पर अपनी उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) भेजना सुनिश्चित करें।
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योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट (क्षेत्रीय निरीक्षण) करें।
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सहयोग शिविरों में प्राप्त हुए लंबित आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन किया जाए।
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कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना का सीधा लाभ बिना किसी देरी के वास्तविक और योग्य लाभुकों को दिया जाए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) सहित तमाम जिला और प्रखंड स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: उमेश कुमार
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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