बरबीघा में डीएम एसपी का जनता दरबार
बिहार: बरबीघा अंचल कार्यालय में डीएम-एसपी का जनता दरबार, भूमि विवादों के जल्द निपटारे के निर्देश
अंचलाधिकारी को लंबित आवेदनों का भौतिक सत्यापन कर समय-सीमा में निष्पादन का आदेश
(शेखपुरा, बिहार): जिला प्रशासन की विशेष पहल पर शनिवार को शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड स्थित अंचल कार्यालय में ‘शनिवारीय बैठक’ यानी जनता दरबार का आयोजन किया गया [cite: जिला प्रशासन की विशेष पहल पर शनिवार को बरबीघा प्रखंड स्थित अंचल कार्यालय में ‘शनिवारीय बैठक’ यानी जनता दरबार का आयोजन किया गया।]। जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद एवं पुलिस अधीक्षक (SP) बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से इस विशेष बैठक की अध्यक्षता की।
जनता दरबार के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश
इस विशेष जनता दरबार में मुख्य रूप से जमीन से जुड़े आपसी और पारिवारिक विवादों के मामलों की गहन सुनवाई की गई:
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मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश: डीएम शेखर आनंद ने एक-एक कर सभी फरियादियों की गंभीर समस्याओं को सुना और अधिकांश मामलों में संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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भौतिक सत्यापन का आदेश: अंचलाधिकारी (CO), बरबीघा को सख्त हिदायत दी गई कि जितने भी भूमि विवाद से जुड़े आवेदन लंबित (पेंडिंग) हैं, उनका बिना किसी देरी के अविलंब मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए [cite: अंचलाधिकारी, बरबीघा को लंबित भूमि आवेदनों का अविलंब भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश।]।
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जांच और समय-सीमा तय: प्रशासन ने सभी लंबित आवेदनों की एक विस्तृत सूची तैयार कर उनकी गहनता से जांच करने और एक निश्चित समय-सीमा (Time-limit) के भीतर सभी मामलों का अंतिम निष्पादन (निवारण) करने का आदेश दिया है।
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दाखिल-खारिज में पारदर्शिता: राजस्व अभिलेखों (लैंड रिकॉर्ड्स) में जरूरी सुधार करने और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर आ रही आम जनता की शिकायतों का पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
“भूमि विवादों को प्राथमिकता पर सुलझाना जरूरी” — डीएम
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शेखर आनंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में होने वाले छोटे-छोटे भूमि विवाद अक्सर आगे चलकर कानून-व्यवस्था (Law and Order) के लिए बड़ी समस्या पैदा कर देते हैं। ऐसे में इन मामलों को शुरुआती स्तर पर ही प्राथमिकता के आधार पर सुलझाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में निर्देशित किया कि काम की प्रक्रिया को इस तरह सुचारू बनाया जाए कि किसी भी गरीब या लाचार आवेदक को अपने जायज काम के लिए कार्यालय के बार-बार चक्कर न काटना पड़े।
लापरवाही पर दी गई सख्त चेतावनी
अंचल कार्यालय में जिले के दोनों सर्वोच्च अधिकारियों (डीएम और एसपी) की एक साथ मौजूदगी ने स्थानीय प्रशासनिक अमले को साफ संदेश दे दिया है कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) बरबीघा, अंचलाधिकारी (CO) बरबीघा सहित क्षेत्र के सभी राजस्व कर्मचारी और अंचल कार्यालय के अन्य वरिष्ठ कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: पंकज कुमार
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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