DDA: पुराने कॉम्प्लेक्स होंगे 7-8 मंजिला

🏗️ बड़ा फैसला: DDA करेगा पुरानी कॉलोनियों का कायापलट! अब दिल्ली में बनेंगी अधिक ऊंची इमारतें; बढ़ेगा FAR

 

नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) राजधानी की पुरानी समूह आवासीय परिसरों, सहकारी आवास समितियों और सरकारी एजेंसियों द्वारा विकसित कॉलोनियों के पुनर्विकास की महत्वाकांक्षी योजना शुरू कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन परिसरों में अधिक ऊंची इमारतें बनाने की अनुमति देकर, दिल्ली के लैंडस्केप को आधुनिक बनाना है।

🚇 TOD नीति से बदलेगा जीवन स्तर: घर के पास काम और मेट्रो

 

डीडीए पुनर्विकास योजना के तहत, मौजूदा ढांचों को ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के साथ जोड़ा जाएगा। यह एक गेम चेंजर साबित हो सकता है:

  • व्यवसायिक क्षेत्र: TOD के तहत आवासीय परिसरों के पास ही व्यवसायिक क्षेत्र उपलब्ध होंगे, जिससे लोगों को घर के करीब ही काम के अवसर मिलेंगे।

  • सार्वजनिक परिवहन: मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं आवासीय परिसर के नजदीक उपलब्ध होंगी।

  • सड़क जाम से मुक्ति: इससे सड़कों पर निजी वाहनों की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और यातायात सुगम होगा।

📈 डेवलपर्स को मिलेगा प्रोत्साहन: फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ा

 

डीडीए ने इस योजना में डेवलपर कंपनियों को शामिल करने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। डीडीए की नई पुनर्विकास नीति का मुख्य आकर्षण फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) में वृद्धि है, जो पुनर्विकास करने वाली समितियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन है।

विवरण वर्तमान FAR प्रस्तावित नया FAR
अधिकतम FAR 350 (भूखंड क्षेत्र का 3.5 गुना निर्माण) 400 (भूखंड क्षेत्र का 4.0 गुना निर्माण)

बढ़े हुए FAR के कारण मेट्रो कॉरिडोर के पास अब 7-8 मंजिला तक ऊंची इमारतें बन सकेंगी। हालांकि, लुटियंस दिल्ली, सिविल लाइंस बंगला जोन और हेरिटेज स्मारक वाले क्षेत्रों में यह छूट लागू नहीं होगी।

🏢 कड़कड़डूमा परियोजना अगले साल होगी पूरी

 

डीडीए स्वयं भी TOD नीति के तहत कड़कड़डूमा में अपनी पहली बहुमंजिला आवासीय परियोजना ‘डीडीए टावरिंग हाइट्स’ पर काम कर रहा है। उम्मीद है कि यह आवासीय परियोजना अगले वर्ष जुलाई तक पूरी हो जाएगी और लोगों को फ्लैट मिलने शुरू हो जाएंगे।

इस पुनर्विकास पहल से न केवल आवास घनत्व (Housing Density) में वृद्धि होगी, बल्कि यह दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के सुरक्षा नियमों का भी अनुपालन सुनिश्चित करेगी।


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