यूपी: मिशन रोजगार में 481 को नौकरी
मुख्यमंत्री ने ‘मिशन रोजगार’ के अन्तर्गत आयुष विभाग के 202, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के 272 तथा दिव्यांजन सशक्तिकरण विभाग के 07 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किय
यदि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो सकारात्मक परिणाम आने में देर नहीं लगती, आज का नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम इसका उदाहरण : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया
प्रदेश के युवाओं तथा उनके अभिभावकों के सपनों को उड़ान देने के लिए प्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही
किसी भी युवा के साथ अन्याय न होने पाये, यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न भर्ती बोर्डां व आयोगों को जवाबदेही व तकनीक से जोड़ा गय
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई, प्रदेश का युवा प्रदेश में ही अपने परिश्रम और पुरुषार्थ का उपयोग कर रहा
उ0प्र0 सर्वाधिक नियुक्ति-पत्र प्रदान करने, एक्सप्रेस-वे बनाने, किसानों को इंसेंटिव देने, समाज के अलग-अलग तबके को वेलफेयर स्कीम से जोड़ने वाला राज्य
प्रदेश की 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयों में 03 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे, विगत 09 वर्षों में प्रदेश में बड़े उद्योगों की संख्या 14,000 से बढ़कर 32,000 से अधिक हुई
उ0प्र0 अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य, आज इसकी गिनती टॉप-थ्री राज्यों में होती
आयुष से सम्बन्धित ट्रेडिशनल मेडिसिन से जुड़ी अलग-अलग विधाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना होगा
नवचयनित 272 ट्रेण्ड अनुदेशक व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों की गति आगे बढ़ाएंगे, इण्डस्ट्री की मांग के अनुरूप स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाएंगे
आज दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को कुछ कार्मिक उपलब्ध कराए जा रहे, दिव्यांगजन नाम प्रधानमंत्री जी ने दिया
विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सजग होना होगा
प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को पेंशन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी, उनके लिए प्रदेश में दो-दो विश्वविद्यालय, प्रत्येक मण्डल मुख्यालय में दिव्यांगजनों के लिए केन्द्र खोले गए
लखनऊ : 07 मई, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि यदि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो सकारात्मक परिणाम आने में देर नहीं लगती। आज का नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मिशन रोजगार के अन्तर्गत विभिन्न विभागों के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम को सम्पन्न किया जा रहा है। विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर नियुक्ति-पत्र वितरण के नये कीर्तिमान को स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘मिशन रोजगार’ के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया द्वारा आयुष विभाग के नवचयनित 202 प्रोफेसर/रीडर/चिकित्साधिकारी/स्टॉफ नर्स, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के नवचयनित 272 अनुदेशकों तथा दिव्यांजन सशक्तिकरण विभाग के नवचयनित 07 नर्स/हॉस्टल वार्डेन/कम्पाउण्डर को नियुक्ति-पत्र प्रदान करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर नवचयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 15 दिनों में यह चौथा नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम है। विगत 26 अप्रैल को 60,244 पुलिस कार्मिकों की पासिंग-आउट-परेड सम्पन्न की गयी। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हो रही हैं। प्रदेश के युवाओं तथा उनके अभिभावकों के सपनों को उड़ान देने के लिए प्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। किसी भी युवा के साथ अन्याय न होने पाये, यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न भर्ती बोर्डां व आयोगों को जवाबदेही व तकनीक से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार की भी कुछ अपेक्षाएं होती हैं। जब योग्य और प्रतिभाशाली युवा किसी व्यवस्था का पार्ट बनते हैं, तो उस व्यवस्था में गति आती है। गति जितनी अच्छी होगी, प्रगति भी उतनी ही अच्छी दिखाई देगी। वर्ष 2017 से पहले भर्तियां निष्पक्ष नहीं होती थीं। युवाओं का शोषण होता था। प्रदेश का युवा पलायन को मजबूर था। राज्य की प्रगति बाधित होने से यह बीमारू राज्यों की श्रेणी में आ गया था। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सामने पहचान का संकट था। आज देश व दुनिया में उत्तर प्रदेश का नाम आने पर सामने वाले का चेहरा चमकता हुआ दिखाई देता है। उत्तर प्रदेशवासियों के स्वागत के लिए सभी उत्सुक दिखाई देते हैं। यह प्रदेश का बदला हुआ परसेप्शन है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, वार्षिक बजट और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश का युवा प्रदेश में ही अपने परिश्रम और पुरुषार्थ का उपयोग कर रहा है। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश प्रगति कर रहा है। आज देश में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की तुलना सबसे बेहतर राज्यों की अर्थव्यवस्था से होती है। अब प्रदेश को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता है। यह रेवेन्यू सरप्लस स्टेट तथा देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक नियुक्ति-पत्र प्रदान करने, एक्सप्रेस-वे बनाने, किसानों को इंसेंटिव देने, समाज के अलग-अलग तबके को वेलफेयर स्कीम से जोड़ने वाला राज्य है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में यह प्रगति दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार की अनेक सम्भावनाएं सृजित हुई हैं। जो युवा सरकारी नौकरी नहीं करना चाहता, उसे एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में निवेश के माध्यम से व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम हम सभी के समक्ष है। वर्ष 2017 से पूर्व एम0एस0एम0ई0 सेक्टर बन्दी के कगार पर थे। युवा, किसान तथा कारीगर निराश व हताश थे। आज प्रदेश की 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयों में 03 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं। प्रदेश में गत वर्ष 4,000 से ज्यादा बड़े उद्योग लगे। विगत 09 वर्षों में प्रदेश में बड़े उद्योगों की संख्या 14,000 से बढ़कर 32,000 से अधिक हो गयी है। यह तब सम्भव हुआ, जब एक्सप्रेस-वे के रूप में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ। सरकार ने त्वरित निर्णय लेकर कार्य को आगे बढ़ाया। जब व्यक्ति निष्ठा से काम करेगा तो कार्य में गति आएगी। यदि कामचोरी करेगा, तो दुर्गति से कोई रोक नहीं सकता।
उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य है। यह राज्य पहले बॉटम-थ्री में गिना जाता था। आज इसकी गिनती टॉप-थ्री राज्यों में होती है।
नवचयनित अभ्यर्थियों को इस राज्य में सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर का बेहतर उपयोग करने की दृष्टि से स्वयं को तैयार करना है। आयुष विभाग हेल्थ टूरिज्म को सर्वाधिक आकर्षित कर सकता है। आयुष विभाग के माध्यम से चमत्कार लाया जा सकता है। इस दिशा में कार्य करना होगा। आयुष्मान आरोग्य मन्दिर प्रत्येक गांव में बनाए गए हैं। आयुष से सम्बन्धित ट्रेडिशनल मेडिसिन से जुड़ी अलग-अलग विधाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना होगा। मेडिसनल प्लाण्ट के लिए किसानों से संवाद बनाना होगा। पंचकर्म की पद्धतियों को हम प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। यह पद्धति आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विभाग इस दिशा में कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 202 प्राध्यापक, चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स आयुष विभाग की गति को और अधिक तीव्र करने में सहायक होंगे। यह प्रधानमंत्री जी के विजन को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2014 में योग, आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी, सिद्धा आदि को जोड़कर आयुष के रूप में प्लेटफार्म प्रदान किया। देश में आयुष के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। यही तीव्र गति उत्तर प्रदेश में भी लानी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास बहुत बड़ा प्लेटफार्म है। प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 तथा बड़े उद्यमों के लिए सुरक्षा का बेहतर वातावरण, लैण्ड बैंक, पॉलिसीज का निर्माण किया है। परिणामस्वरूप, बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। स्किल मैन पावर आज की आवश्यकता है। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग और उसके अनुदेशकों की जिम्मेदारी बनती है कि इण्डस्ट्री की मांग के अनुरूप स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने के लिए प्लेटफार्म तैयार करें।
व्यावसायिक शिक्षा विभाग में टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर के 150 से अधिक आई0टी0आई0 में मॉडर्न टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग आदि के सर्टिफिकेट कोर्सेज तथा ट्रेनिंग कार्यक्रम प्रारम्भ हुए हैं। हर घर नल योजना के लिए प्लम्बर भी प्रशिक्षित किये जाएंगे। अच्छे इलेक्ट्रिशियंस तैयार करना आई0टी0आई0 तथा व्यावसायिक शिक्षा विभाग का काम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इस दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रही है। नवचयनित 272 ट्रेण्ड अनुदेशक अच्छी ट्रेनिंग देकर इन व्यावसायिक
शिक्षा संस्थानों की गति आगे बढ़ाएंगे। इण्डस्ट्री की मांग के अनुरूप स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग को कुछ कार्मिक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांगजन नाम प्रधानमंत्री जी ने दिया है। मनुष्य होने के नाते हमारी सहानुभूति व संवेदना दिव्यांगजन के साथ होनी चाहिए। हर व्यक्ति प्रतिभाशाली है, बस उसे प्लेटफार्म चाहिए। प्लेटफार्म देने का काम दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग को करना है। उनके मन में भी भाव होता है।
कानपुर की एक बिटिया जो न बोल सकती थी, और न ही सुन सकती थी। वह अपने हाथ से मेरा चित्र बनाकर मुझे देने लखनऊ आई थी। वह अत्यन्त प्रतिभावान बालिका है, लेकिन पढ़ी-लिखी नहीं थी। हमने कानपुर में अधिकारियों से कहा कि उस बिटिया का ऑपरेशन तथा अभ्यास सुनिश्चित कराया जाए। प्रशासन ने रूचि लेकर उसका ऑपरेशन कराया। अब वह बिटिया बोल व सुन पा रही है। अभी यहां पर जब जिन्हें नियुक्ति पत्र वितरित किया गया, उनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता की कहानी प्रस्तुत की। उन अभ्यर्थियों की भाषा जो भी हो, लेकिन भाव एक ही था कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि आप अपने साथ न्याय चाहते हैं, तो दूसरे के साथ भी न्याय करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सजग होना होगा। प्रत्येक क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं। उन सम्भावनाओं को आगे बढ़ाना होगा। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इस दिशा में अनेक कार्य किए हैं। दिव्यांगजनों को पेंशन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। उनके लिए प्रदेश में दो-दो विश्वविद्यालय हैं। प्रत्येक मण्डल मुख्यालय में दिव्यांग जनों के लिए केन्द्र खोले गए हैं। कृत्रिम अंग उपकरण वितरण के लिए डी0आर0सी0 की स्थापना प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में करने की कारवाई प्रारम्भ की गयी है।
कार्यक्रम को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिलदेव अग्रवाल, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कश्यप ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांजन सशक्तिकरण श्री राजेश कुमार सिंह, प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ0 हरिओम, प्रमुख सचिव, आयुष श्री रंजन कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
(लखनऊ ब्यूरो दीपक अग्रवाल)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine

यूपी: जनगणना-2027 का शुभारम्भ!
