स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिकायत

बरेली: निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ‘एंटी क्राइम एंटी करप्शन मिशन’ ने खोला मोर्चा, डीआईओएस को सौंपा ज्ञापन

(बरेली: ब्यूरो रिपोर्ट)

बरेली के निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा नियमों की अनदेखी और अभिभावकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ ‘एंटी क्राइम एंटी करप्शन मिशन भारत ट्रस्ट’ ने सख्त कदम उठाया है। ट्रस्ट के चेयरमैन कमलजीत सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. अजित सिंह से मुलाकात कर एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा और वैधानिक कार्यवाही की मांग की।


शिकायत में उठाए गए 5 प्रमुख बिंदु

एनजीओ ने अपनी शिकायत में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

  1. महंगी पुस्तकों का दबाव: स्कूलों में एनसीईआरटी (NCERT) के स्थान पर निजी प्रकाशकों की अत्यधिक महंगी पुस्तकें अनिवार्य रूप से लगवाई जा रही हैं।

  2. दुकान विशेष से खरीदारी: अभिभावकों और छात्रों को पुस्तकें एक निश्चित दुकान से ही खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

  3. बिल रसीद की अनदेखी: संबंधित बुक सेलर्स द्वारा पुस्तकें बेचने के बाद नियमानुसार पक्की बिल रसीद नहीं दी जा रही है, जो उपभोक्ता अधिकारों का हनन है।

  4. पुस्तकों में अनावश्यक बदलाव: हर साल जानबूझकर पुस्तकों के सेट में बदलाव किया जा रहा है ताकि पुरानी पुस्तकें काम न आ सकें और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े।

  5. फीस के मानकों का उल्लंघन: स्कूलों द्वारा फीस निर्धारण और उसकी वसूली में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन

चेयरमैन कमलजीत सिंह ने कहा कि ये सभी गतिविधियाँ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की मूल भावना के विपरीत हैं। साथ ही, यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और कर संबंधी नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। उन्होंने डीआईओएस से इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया।

प्रबंधन की चुप्पी

इस गंभीर मामले में जब संबंधित विद्यालय प्रबंधन से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। प्रबंधन की यह चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर एनजीओ की ओर से भगवान दास यादव, अर्चना दीक्षित, राहुल दूबे, मुकुन्दा लाल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे इस आंदोलन को और उग्र करेंगे।


बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


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