चित्रकूट: सीएम योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण

चित्रकूट में बाढ़ संकट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया हवाई सर्वेक्षण, 800 पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री

चित्रकूट

उत्तर प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद का तूफानी दौरा किया। नदियों के बढ़ते जलस्तर से जलमग्न हुए ग्रामीण इलाकों का मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण (Aerial Survey) कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके पश्चात उन्होंने आपदा से प्रभावित लगभग 800 परिवारों के बीच स्वयं पहुँचकर खाद्यान्न एवं आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा मुख्यमंत्री ने चित्रकूट जिले के मंदाकिनी और अन्य जलमग्न तटीय क्षेत्रों का हवाई मुआयना किया:

  • जमीनी स्थिति का आकलन: मुख्यमंत्री ने आकाश से जलभराव की स्थिति, फसलों के नुकसान और प्रभावित बस्तियों का प्रत्यक्ष आकलन किया।

  • अधिकारियों को सख्त निर्देश: सर्वेक्षण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और राहत आयुक्त को निर्देश दिए कि अंतिम पंक्ति में खड़े प्रभावित व्यक्ति तक सहायता समय से पहुँचे और किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

800 पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न राहत किट का वितरण राहत शिविर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत किट प्रदान की:

  • राहत सामग्री किट: वितरित की गई किट में सूखा राशन (आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, आलू), माचिस, मोमबत्ती, तिरपाल, पीने का पानी और जीवनरक्षक दवाइयां शामिल थीं।

  • आर्थिक सहायता और मुआवजा: सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ और मूसलाधार बारिश से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं या जिनकी फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें राजस्व विभाग द्वारा त्वरित सर्वेक्षण कराकर जल्द से जल्द मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

‘सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है’: मुख्यमंत्री संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनमानस को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनता के साथ खड़ी है:

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर: बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और पशुओं के टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सा टीमों को तैनात कर दिया गया है।

  • 24/7 निगरानी: एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत रेस्क्यू किया जा सके।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine

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