यूपी मुख्य परीक्षा में नकल गैंग का पर्दाफाश
सहायक बोरिंग टेक्नीशियन परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने 13 आरोपियों को किया गिरफ्तार
लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित लघु सिंचाई विभाग की ‘सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा’ में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की फील्ड इकाई वाराणसी ने रविवार (12 जुलाई 2026) को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना सहित कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और परीक्षा से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
प्रयागराज से संचालित हो रहा था ‘सॉल्वर गैंग’ का गुप्त नेटवर्क
STF द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में मोटी रकम ऐंठकर अभ्यर्थियों के कपड़ों और कान में सूक्ष्म (माइक्रो) इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाकर नकल कराता था।
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प्रयागराज में बना था कंट्रोल रूम: गिरोह का मुख्य सरगना शिवजीत पटेल (फरार) और उसका सगा भाई कप्तान सिंह पटेल (गिरफ्तार) प्रयागराज के एक गुप्त कमरे में सॉल्वरों को एकत्रित कर बैठे थे।
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ऐसे दी जाती थी नकल को अंजाम: परीक्षा शुरू होते ही राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव नामक सहयोगी प्रश्नपत्र की व्यवस्था कर सरगनाओं को भेजता था। इसके बाद वहां मौजूद सॉल्वरों से प्रश्न हल करवाकर, परीक्षा केंद्रों के भीतर बैठे अभ्यर्थियों को सीधे फोन (डिवाइस) के माध्यम से सही उत्तर बोलकर नोट कराए जाते थे।
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सॉल्वरों को मोटी रकम: इस अवैध काम के लिए गिरोह द्वारा प्रति सॉल्वर को 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर भी इनके सहयोगी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैनात रहते थे।
परीक्षा केंद्रों से रंगेहाथ पकड़े गए अभ्यर्थी, लाखों की डीलिंग का खुलासा
STF ने वाराणसी के दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर नकल कर रहे अभ्यर्थियों को दबोचा, जिन्होंने पूछताछ में लाखों रुपये के लेन-देन की बात कबूल की है:
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अभ्यर्थी धर्मेंद्र कुमार: इन्हें वाराणसी के ‘हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिन’ परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया। धर्मेंद्र ने बताया कि उसने परीक्षा पास करने के लिए मुख्य आरोपी कप्तान सिंह पटेल के खाते में 3.75 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे और 1.25 लाख रुपये नकद दिए थे।
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अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा: इन्हें ‘एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा (सिगरा)’ केंद्र से गिरफ्तार किया गया। विपिन ने नकल के बदले 5 लाख रुपये नकद और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर 25 हजार रुपये कप्तान सिंह को दिए थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और बरामदगी
STF टीम ने रविवार दोपहर करीब 01:40 बजे वाराणसी और प्रयागराज के विभिन्न ठिकानों से कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
कप्तान सिंह पटेल, ओम प्रकाश पटेल, राकेश कुमार पटेल (सभी निवासी प्रयागराज), रविकांत वर्मा उर्फ अखिलेश (निवासी प्रतापगढ़), धर्मेंद्र कुमार सिंह (प्रयागराज), लालता प्रसाद उर्फ गुड्डू (प्रयागराज), अनुज कुमार पाल (प्रयागराज), शिव प्रकाश पटेल (प्रयागराज), मनोज कुमार (प्रतापगढ़), विपिन कुमार वर्मा (प्रतापगढ़), धर्मेंद्र कुमार (प्रतापगढ़), चंदर (प्रतापगढ़) और दीपक पटेल (प्रतापगढ़)। गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और राजेंद्र यादव उर्फ धीरेंद्र यादव भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
बरामदगी की सूची:
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11 अदद मोबाइल फोन
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04 अदद माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
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02 अदद प्रिंटर
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02 अदद प्रवेश पत्र, 02 प्रश्नपत्र और 02 ओएमआर (OMR) शीट
दर्ज हुआ मुकदमा, विधिक कार्रवाई जारी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ वाराणसी के थाना सिगरा में मु०अ०सं० 300/2026 और थाना कोतवाली में मु०अ०सं० 170/2026 के तहत उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (निवारण) अधिनियम की धारा 4/8/13(1)(2)(3) के तहत मुकदमे पंजीकृत कराए गए हैं। मामले की आगे की कानूनी व विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा अमल में लाई जा रही है।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
- (एडिटर (Allrights Magazine)

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