सीबीआई खोलेगी त्विषा की मौत का राज
सीबीआई खोलेगी त्विषा की मौत का राज: 80 किलो की डमी, बेल्ट और 3D सीन रिक्रिएशन से होगा वैज्ञानिक सुरागों का पर्दाफाश
(भोपाल): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित त्विषा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट से रिमांड मिलते ही जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ ऐसा कड़ा वैज्ञानिक शिकंजा कसा है, जिसने आरोपियों के होश उड़ा दिए हैं। सीबीआई इस संवेदनशील मामले की तह तक जाने के लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और 3D तकनीक का सहारा ले रही है।
रिमांड मिलते ही CBI ने शुरू की वैज्ञानिक जांच
त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने मुख्य आरोपी व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अपनी कस्टडी (रिमांड) में ले लिया है। जांच एजेंसी किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए पारंपरिक पूछताछ के साथ-साथ पूरी तरह से वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों को अपना रही है:
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80 किलो की डमी का इस्तेमाल: घटना वाले दिन फंदे या परिस्थितियों का सही आकलन करने के लिए सीबीआई की फॉरेंसिक टीम 80 किलोग्राम वजनी एक विशेष मानव डमी का उपयोग कर रही है।
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बेल्ट और फंदे का परीक्षण: वारदात में इस्तेमाल सामग्री, विशेषकर बेल्ट और दबाव के कोणों की कड़ाई से जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या या हत्या के दावों की सत्यता परखी जा सके।
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3D सीन रिक्रिएशन (3D Scene Recreation): आधुनिक क्राइम इन्वेस्टिगेशन के तहत घटनास्थल का त्रिआयामी (3D) डिजिटल ढांचा तैयार किया जा रहा है। इससे घटना के समय आरोपियों की सही लोकेशन और फिजिकल मूवमेंट्स को हूबहू समझा जा सकेगा।
डेढ़ घंटे कटघरे में खड़े रहे मां-बेटे, पूर्व जज के तजुर्बे को ही बनाया ढाल
सीबीआई के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया गया।
“अदालत की कार्यवाही के दौरान मां-बेटे करीब डेढ़ घंटे तक लगातार कटघरे में खड़े रहे। सूत्रों का कहना है कि रिमांड के बाद शुरू हुई शुरुआती पूछताछ में सीबीआई के तीखे सवालों के सामने आरोपी असहज नजर आए। जांच अधिकारियों ने पूर्व जज के लंबे कानूनी तजुर्बे और दांव-पेचों को ही ढाल बनाकर उनसे तार्किक सवालात किए, जिसका दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।”
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही लगातार निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही थी। रसूख और कानूनी दांव-पेचों के चलते उलझते जा रहे इस मामले की कमान आखिरकार सीबीआई को सौंपी गई। अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीन ऑफ क्राइम (घटनास्थल) के एक-एक भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य को आपस में जोड़कर इस मौत के पीछे छिपे असली सच को देश के सामने लाने में जुट गई है।
(लेखक: प्रो. संजय द्विवेदी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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