सोते समय गिरने के झटके की वजह

गहरी नींद आते ही अचानक ऊंचाई से गिरने का क्यों होता है एहसास? विज्ञान से समझिए ‘हाइप्निक जर्क’ की असली वजह

विशेष स्वास्थ्य एवं विज्ञान ब्यूरो: नई दिल्ली

रिपोर्ट: स्वाति शर्मा

संपादन एवं प्रस्तुति: सोनू कुमार (पत्रकार)

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि जैसे ही आपको गहरी नींद आने वाली होती है, अचानक लगता है कि आप किसी ऊंचाई या खाई से नीचे गिर रहे हैं? आपका शरीर एक तेज झटके के साथ चौंक उठता है और अचानक नींद खुल जाती है। यदि आपने इसे कभी अनुभव किया है तो घबराने की कोई बात नहीं है—दुनियाभर में लगभग 70% लोग अपनी जिंदगी में कभी न कभी इस स्थिति को महसूस करते हैं

मेडिकल साइंस और न्यूरोलॉजी की भाषा में इस स्थिति को ‘हाइप्निक जर्क’ (Hypnic Jerk) या ‘मायोकलोनिक जर्क’ (Myoclonic Jerk) कहा जाता है

क्यों लगता है अचानक झटके का एहसास? क्या है इसके पीछे का विज्ञान?

जब हम सोने की कोशिश करते हैं, तो हमारा शरीर और दिमाग एक साथ आराम (रिलैक्स) की स्थिति में जाने लगते हैं। इस दौरान हमारा नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) एक्टिविटी को धीमा करने लगता है:

  1. मांसपेशियों का रिलैक्स होना: जैसे-जैसे आप गहरी नींद में प्रवेश करते हैं, आपकी मांसपेशियां पूरी तरह से ढीली पड़ने लगती हैं।

  2. दिमाग की गलतफहमी: कई बार जब मांसपेशियां तेजी से रिलैक्स होती हैं, तो दिमाग इसे ‘शरीर का संतुलन बिगड़ने’ या ‘ऊंचाई से नीचे गिरने’ का संकेत समझ लेता है।

  3. एक्टिव-मोड रिएक्शन: दिमाग को लगता है कि शरीर खतरे में है, इसलिए वह तुरंत मांसपेशियों को एक्टिव करने के लिए एक त्वरित इलेक्ट्रिक सिग्नल (झटका) भेजता है ताकि शरीर खुद को संभाल सके। इसी रिएक्शन की वजह से हमें तेज झटका महसूस होता है और आंखें खुल जाती हैं

हाइप्निक जर्क को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण

सामान्य परिस्थितियों में हाइप्निक जर्क कोई बीमारी नहीं है, लेकिन दैनिक जीवन की कुछ आदतें इसके होने की संभावना को बढ़ा देती हैं:

  • अत्यधिक तनाव और चिंता: मानसिक तनाव के कारण सोने के दौरान भी नर्वस सिस्टम पूरी तरह से शांत नहीं हो पाता।

  • कैफीन और निकोटीन का सेवन: देर रात चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स या सिगरेट का सेवन करने से दिमाग उत्तेजित रहता है।

  • नींद की कमी या अनियंत्रित रूटीन: शरीर में थकावट ज्यादा होने या सोने का समय निश्चित न होने पर ये झटके अधिक लगते हैं।

  • रात में भारी वर्कआउट: सोने से ठीक पहले हैवी एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों में उत्तेजना बनी रहती है।

इससे बचाव के आसान उपाय

  • सोने का समय तय करें और रोजाना 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।

  • सोने से कम से कम 4-6 घंटे पहले चाय, कॉफी या कैफीन युक्त पदार्थों से परहेज करें।

सोने से पहले मन को शांत करने के लिए मेडिटेशन, हल्का संगीत या स्ट्रेचिंग का सहारा लें।


प्रादेशिक ब्यूरो: बरेली (उत्तर प्रदेश)

ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल


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