Cancer Causes: Stress can also be a cause of cancer.

“तनाव और कैंसर का संबंध: एम्स भोपाल के पूर्व निदेशक डॉ. संदीप कुमार के साथ खास बातचीत”

विशेष स्वास्थ्य एवं चिकित्सा रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर समय-समय पर नई रिसर्च और खुलासे सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में 20 हजार से अधिक कैंसर मरीजों की सफल सर्जरी कर चुके भोपाल एम्स के पहले संस्थापक निदेशक और प्रसिद्ध कैंसर सर्जन डॉ. संदीप कुमार ने ईटीवी भारत के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कैंसर से जुड़े कई अहम पहलुओं, मिथकों और उसके प्रमुख कारणों पर खुलकर चर्चा की है।

1. महिलाओं में बढ़ते कैंसर के प्रकार और मुख्य वजहें

  • प्रमुख प्रकार: डॉ. संदीप कुमार के अनुसार, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है। इसके अलावा फेफड़ों का कैंसर, बड़ी आंत का कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) का कैंसर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की वैक्सीन उपलब्ध होने के कारण अब यह पांचवें स्थान पर आ गया है।
  • उम्र का दायरा: 95 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर 40 से 60 वर्ष की आयु के बीच होता है, हालांकि यह युवा महिलाओं या वृद्ध महिलाओं में भी हो सकता है।
  • तंबाकू और धूम्रपान का प्रभाव: जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं, उनमें फेफड़ों का कैंसर और जो तंबाकू का सेवन करती हैं, उनमें मुख गुहा (मुंह) का कैंसर होने का खतरा रहता है।

2. तनाव (Stress) बनता जा रहा है कैंसर का बड़ा कारक

  • नई रिसर्च के खुलासे: हाल ही में हुई दुनिया भर की कई रिसर्च और डेटा एनालिसिस में यह बात सामने आई है कि तनाव और अवसाद भी कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है।
  • पारंपरिक धारणाओं से इतर: डॉक्टर का कहना है कि जहां एक तरफ देर से शादी, देर से बच्चा होना या स्तनपान न कराने को कैंसर का कारण माना जाता है, वहीं कई ऐसी महिलाएं जो सात्विक जीवन जीती हैं और समय पर बच्चों को जन्म व स्तनपान कराती हैं, वे भी इसकी चपेट में आ जाती हैं। इसके पीछे तनाव और आधुनिक जीवनशैली की मानसिक उलझनें बड़ी वजह बन रही हैं।

3. बायोप्सी और समय पर इलाज को लेकर डॉक्टर की सलाह

  • बायोप्सी से न डरें: बहुत से लोग बायोप्सी कराने से कतराते हैं, लेकिन डॉ. संदीप इसे एक पूरी तरह सुरक्षित और बेहद महत्वपूर्ण जांच बताते हैं। उनका कहना है कि बिना बायोप्सी के कैंसर का सटीक इलाज संभव नहीं है।
  • भटकने से बचें: मरीजों को सलाह दी गई है कि वे नीम-हकीमों या भ्रामक रास्तों पर भटकने के बजाय किसी योग्य और क्वालिफाइड डॉक्टर से ही इलाज कराएं, क्योंकि देरी से कैंसर की स्टेज बढ़ सकती है।
  • समय रहते उपचार और मानसिक समर्थन: बीमारी का पता चलते ही समय पर इलाज शुरू कराने और मरीज को पूरा ‘मोरल सपोर्ट’ देने से मरीज बिल्कुल स्वस्थ जीवन जी सकता है।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण

स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी सही जानकारी और जागरूकता ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर और समय पर मेडिकल जांच करवाकर इस घातक बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ स्वास्थ्य, चिकित्सा और जनहित से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर पूरी निष्पक्षता के साथ नजर बनाए रखती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 (एडिटर (Allrights Magazine)

https://www.allrightsmagazine.com/sting-operation-uproar-over-maulana-siraj-khans-statement/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: