18 ट्रेनों से छिना सुपरफास्ट दर्जा
भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 जनवरी 2027 से 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म करने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों को अब सुपरफास्ट की बजाय सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के रूप में चलाया जाएगा, जिससे इनके ट्रेन नंबर भी बदल जाएंगे। सुपरफास्ट का दर्जा हटने से यात्रियों को अब अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज नहीं देना होगा और टिकट का किराया भी कम हो जाएगा।
किराए में कितनी होगी बचत?
सुपरफास्ट सरचार्ज हटने से अलग-अलग श्रेणियों में किराए में इतनी राहत मिलेगी:
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स्लीपर क्लास: 30 रुपये तक
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थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, सेकंड एसी और एसी चेयरकार: 45 रुपये तक
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फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास: 75 रुपये तक
18 ट्रेनों की पूरी लिस्ट (पुराने और नए नंबर के साथ):
सुपरफास्ट दर्जा क्यों छीना गया?
रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक, किसी भी ट्रेन को सुपरफास्ट बनाए रखने के लिए उसकी औसत रफ्तार कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। रेलवे द्वारा की गई समीक्षा में इन ट्रेनों की औसत रफ्तार तय मानक से कम पाई गई, जिसके बाद इन्हें सामान्य श्रेणी में बदलने का निर्णय लिया गया।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)
