बिहार: कन्हैया कुमार का सरकार पर हमला
‘लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों में नियमों की अनदेखी’: NSUI राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार को घेरा
नेपाल सीमा से लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों तक जारी छात्र आंदोलनों और प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच बिहार की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर छात्रों के दमन का गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है।
कन्हैया कुमार ने कांग्रेस की विशेष फैक्ट-फाइंडिंग टीम (Fact-Finding Team) की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए पुलिस द्वारा न केवल अत्यधिक बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया जा रहा है, बल्कि गिरफ्तारियों के दौरान स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
“पुलिसिया बर्बरता और कानूनी नियमों की अनदेखी” — कन्हैया कुमार
फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के प्रमुख तथ्यों को सामने रखते हुए NSUI प्रभारी ने सरकार पर कई तीखे प्रहार किए:
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अत्यधिक बल प्रयोग: कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठा रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस बिना किसी चेतावनी के अमानवीय लाठीचार्ज कर रही है।
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गिरफ्तारी के नियमों का उल्लंघन: उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिरासत और गिरफ्तारी के समय सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग द्वारा तय किए गए गाइडलाइंस की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
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फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट का खुलासा: कांग्रेस की जांच टीम ने मौके पर जाकर पीड़ित छात्रों, उनके परिवारों और चश्मदीदों से बात की है, जिसमें पुलिस द्वारा मानवाधिकारों के हनन और तानाशाही रवैये की पुष्टि हुई है।
छात्रों के हक की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
कन्हैया कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की सरकार युवाओं की आवाज को पुलिस की लाठियों और फर्जी मुकदमों के दम पर नहीं दबा सकती। NSUI और कांग्रेस पार्टी पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ेगी।
प्रादेशिक ब्यूरो: बरेली (उत्तर प्रदेश)
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल

