Bareilly News : 13 पाइंट रोस्टर एवं आरक्षण समाप्त करने के विरोध में भारत बंद किया प्रदर्शन

बरेली। । 26 जनवरी 2019 को हमारे देश ने 70 वा गणतन्त्र दिवस मनाया था तथा साथ ही संविधान को लागू हुये भी 69 वर्ष हो गये हैं । संविधान के अनुच्छेद 16 ( 4 ) के अन्तर्गत सभी एस . सी . , एस . टी . एवं ओ . बी . सी . के विकास व राष्ट्र में समुचित भागीदारी के लिये प्रतिनिधित्व ( आरक्षण ) की व्यवस्था मूल अधिकार के तहत की गई है ।

भारत में जाति व्यवस्था प्रमुख है , जिसके कारण अवसरों में हजारो वर्षों से भेदभाव होता आया है , जिसको संविधान में आरक्षण की व्यवस्था द्वारा खत्म करने की व्यवस्था की गई है , क्योंकि कोई भी राष्ट्र मुट्ठी भर लोगों की तरक्की से विकसित नहीं हो सकता । यदि राष्ट्र को आगे बढ़ाना है तो सभी वर्गों को राष्ट्र की मुख्य धारा में लाने के लिये अतिरिक्त प्रयास किये जाते हैं । वहीं प्रयात्त भारतीय संविधान में आधाण के रूप में निहित हैं । यहि संविधान की मूल भावना भी है । लेकिन दिनांक 22 . 01 . 2019 को सुप्रीम कोर्ट भारत द्वारा उच्च शिक्षा में 13 पाइंट रोस्टर अर्थात् विभागवार भर्ती को सही बताया , जो कि संविधान के उद्देश्य संख्यानुपातिक एस . सी . , एस . टी . , ओ . बी . सी आरक्षण के बिल्कुल विरूद्ध है । आज तक उच्च शिक्षा में आरक्षित वर्गों का 21 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं हुआ है तथा इस आदेश के बाद आरक्षित वर्गों के लिये उच्च शिक्षा संस्थान के रास्ते हमेशा के लिये स्वतः बंद हो जायेगें । इस सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पूरे देश में एक संदेश जा रहा है कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट आरक्षित वर्गों के विरोध में लगातार आदेश दे रहा है । इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 सितम्बर 2018 को प्रोन्नति के आरक्षण को संवैधानिक ठहराये जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रोन्नति में आरक्षण की बहाली नहीं हुई है । इन घटनाओं से उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आरक्षित गरी आन्दोलित एवं आक्रोशित है ।

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