बरेली नगर निगम: ₹71 Cr की रिकॉर्ड वसूली

बरेली नगर निगम का रिकॉर्ड: 71 करोड़ की वसूली, पिछले सभी आंकड़े टूटे 💰

राजस्व संग्रह में नया इतिहास

बरेली नगर निगम ने इस साल संपत्ति कर की वसूली में पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 20 मार्च तक जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, निगम ने 71.26 करोड़ रुपये का कर वसूल लिया है। खास बात यह है कि इस बार न केवल धनराशि, बल्कि कर जमा करने वाले भवनों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

बरेली नगर निगम: विभिन्न माध्यमों से प्राप्त संपत्ति कर

भुगतान की श्रेणी (Category) ट्रांजेक्शन संख्या (Count) कुल धनराशि (₹ में) धनराशि (करोड़ में लगभग)
नकद (Cash) 24,829 18,92,52,359 ₹18.92 Cr
यूपीआइ (UPI) 37,362 14,12,17,259.3 ₹14.12 Cr
चेक (Cheque) 3,315 18,74,18,290.2 ₹18.74 Cr
एटीएम कार्ड (ATM Card) 5,110 2,94,29,168.75 ₹2.94 Cr
आरटीजीएस (RTGS) 34 4,62,09,156.38 ₹4.62 Cr
नेटबैंकिंग (Netbanking) 1,526 3,71,67,782.03 ₹3.71 Cr
एनईएफटी (NEFT) 43 3,63,78,468.28 ₹3.63 Cr
क्यूआर (QR Code) 2,926 1,19,61,666.4 ₹1.19 Cr
क्रेडिट कार्ड (Credit Card) 1,394 91,51,578.65 ₹0.91 Cr
डेबिट कार्ड (Debit Card) 760 53,55,136.63 ₹0.53 Cr
डीडी (DD) 10 31,21,903.83 ₹0.31 Cr
कुल योग (Total) 77,309 ₹71,26,62,769.45 ₹71.26 Cr

आंकड़ों की तुलना: बीते वर्षों का प्रदर्शन 📊

निगम ने पिछले वित्तीय वर्षों के मुकाबले शानदार प्रगति की है:

  • वित्त वर्ष 2025-26 (20 मार्च तक): 77,309 लोगों ने ₹71.26 करोड़ जमा किए।

  • वित्त वर्ष 2024-25: 52,072 लोगों ने ₹71.09 करोड़ जमा किए थे।

  • वित्त वर्ष 2023-24: केवल 37,280 लोगों ने ही टैक्स जमा किया था।

इस तुलना से स्पष्ट है कि नगर निगम की पहुंच और जनता में कर जमा करने के प्रति जागरूकता दोनों में इजाफा हुआ है।

सप्ताहांत में भी खुले रहे दफ्तर 🏢

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के कड़े निर्देशों के बाद, टैक्स विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शनिवार और रविवार को भी सक्रिय रहे। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में वसूली की रफ्तार बढ़ाने के लिए अवकाश के दिनों में भी कामकाज जारी रखा गया है।

एक लाख करदाताओं का लक्ष्य 🎯

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के बचे हुए दिनों में निगम का लक्ष्य एक लाख से अधिक करदाताओं तक पहुंचना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मार्च के अंत तक यह आंकड़ा अपनी नई ऊंचाइयों को छुएगा, जिससे शहर के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।


मुख्य बिंदु:

  • उपलब्धि: धनराशि और भवन संख्या दोनों में पिछला रिकॉर्ड टूटा।

  • रणनीति: छुट्टी के दिनों में भी विशेष वसूली अभियान।

  • प्रभाव: निगम के खजाने में बढ़ोतरी से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा सुधार।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )


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