बरेली: 9 महीने बाद फिर शुरू होगा बंदर पकड़ो अभियान

“बरेली में बंदरों के आतंक से मिलेगी मुक्ति”: नगर निगम 9 महीने बाद शुरू करेगा अभियान; 825 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से दिया टेंडर

बरेली (उत्तर प्रदेश): बरेली वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में लंबे समय से उत्पात मचा रहे बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए बरेली नगर निगम नौ महीने के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर बंदर पकड़ने का विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। तीन बार की नाकामी के बाद चौथी बार निकाली गई ई-निविदा (E-Tender) प्रक्रिया आखिरकार पूरी कर ली गई है।

तकनीकी एवं वित्तीय जांच के बाद न्यूनतम दर प्रस्तुत करने वाले ‘जावेद कांट्रेक्टर’ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम प्रति बंदर 825 रुपये के हिसाब से कार्यदायी संस्था को भुगतान करेगा।

चौथी कोशिश में पूरा हुआ टेंडर, 1 हफ्ते में शुरू होगा काम

लगातार तीन बार किसी फर्म के आगे न आने से यह टेंडर प्रक्रिया अटकी हुई थी, लेकिन चौथी बार में 5 फर्मों ने इसमें रुचि दिखाई:

  • तकनीकी जांच और न्यूनतम बोली: पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह के अनुसार, 5 में से 2 फर्में (जावेद कांट्रेक्टर और इमरान कांट्रेक्टर) तकनीकी रूप से पात्र पाई गईं। इनमें से जावेद कांट्रेक्टर की न्यूनतम दर 825 रुपये प्रति बंदर स्वीकृत की गई।

  • जंगलों में छोड़े जाएंगे बंदर: पकड़े गए सभी बंदरों को सुरक्षित तरीके से पीलीभीत और शाहजहांपुर के जंगलों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें और शहर में इंसानी आबादी को नुकसान न पहुंचाएं।

  • एक सप्ताह में कार्यादेश: निगम द्वारा औपचारिकताएं पूरी कर एक सप्ताह के भीतर कार्यादेश (Work Order) जारी कर दिया जाएगा, जिसके तुरंत बाद धरातल पर पकड़ने का काम शुरू हो जाएगा।

शहर के 50 से अधिक वार्डों को मिलेगी बड़ी राहत

बरेली शहर के नागरिक पिछले कई महीनों से उत्पाती बंदरों के डर और हमलों से परेशान थे। नगर निगम बोर्ड की बैठकों में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामा होता रहा है:

  1. प्रभावित इलाके: शहर के सिविल लाइंस, ग्रीन पार्क, बिहारीपुर, गांधी उद्यान, मॉडल टाउन, शास्त्री नगर, संजय नगर, आलमगिरिगंज, रामपुर गार्डन, डीडीपुरम, बड़ा बाजार और सुभाषनगर समेत 50 से अधिक वार्डों में बंदरों का आतंक सबसे अधिक रहा है।

  2. शासनादेश के बाद मिली हरी झंडी: जनवरी 2026 में वन विभाग के आदेशों के चलते यह काम रोक दिया गया था। इसके बाद अगस्त में शासन द्वारा सभी प्रदेशीय निकायों को पुनः निर्देश जारी कर बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके बाद नगर निगम ने त्वरित टेंडर प्रक्रिया अपनाई।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, शहरी सुरक्षा और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में बरेली नगर निगम के इस प्रयास का स्वागत करती है।

मुख्य शीर्षक (Headline):

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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