बरेली: मांझा व्यापारियों का प्रदर्शन
बरेली: कॉटन मांझा व्यापारियों के समर्थन में उतरा व्यापार मंडल, उत्पीड़न रोकने के लिए DM और राष्ट्रीय बोर्ड को सौंपा जाएगा ज्ञापन
बरेली: शहर के कॉटन मांझा उद्योग पर प्रशासनिक कार्रवाई के कारण उपजे संकट को लेकर व्यापारी एकजुट होने लगे हैं। ‘कॉटन मांझा व्यापारी कल्याण समिति’ के प्रतिनिधियों ने व्यापार मंडल के प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर प्रशासनिक मुस्तैदी की आड़ में हो रहे उत्पीड़न और व्यापार प्रभावित होने का गंभीर मुद्दा उठाया। शहर के सिविल लाइंस स्थित लिटिल कॉर्नर होटल में आयोजित एक विशेष बैठक में व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए पारंपरिक कारोबार की सुरक्षा की पुरजोर मांग की।
“गलती कोई और करे, सजा कॉटन मांझा व्यापारियों को क्यों?”
बैठक की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ व्यापार मंडल नेता सुशील पटेल ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“बरेली का कॉटन (सूती) मांझा उद्योग हमारी वर्षों पुरानी सांस्कृतिक पहचान है और यहाँ के हजारों गरीब परिवारों की आजीविका का एकमात्र जरिया है। बेहद अफसोस की बात है कि प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कॉटन मांझा कारोबारियों के वैध अड्डे बंद करा दिए जाते हैं, काम कर रहे मजदूरों को जबरन हटा दिया जाता है और नियम कायदों के तहत व्यापार करने वालों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज और पर्यावरण के लिए असली खतरा प्रतिबंधित चाइनीज और प्लास्टिक मांझा है, जिससे आए दिन घातक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। कानूनन कार्रवाई केवल अवैध और प्रतिबंधित मांझा बनाने व बेचने वालों पर होनी चाहिए, न कि सूती धागे से सुरक्षित मांझा तैयार करने वाले मेहनतकश और पारंपरिक कारीगरों पर। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “गलती कोई और करता है, लेकिन उसकी गाज निर्दोष कॉटन मांझा व्यापारियों पर गिरा दी जाती है।”
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड और जिलाधिकारी को भेजा जाएगा ज्ञापन
व्यापारियों को पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाते हुए व्यापार मंडल ने आगामी रणनीति साझा की:
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राष्ट्रीय बोर्ड तक पहुंचेगी आवाज: स्वदेशी और पारंपरिक लघु उद्योगों की सुरक्षा के लिए इस पूरे उत्पीड़न के मामले को दिल्ली स्थित ‘राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
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DM को सौंपेंगे ज्ञापन: जल्द ही व्यापार मंडल का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बरेली के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा। इसमें कॉटन मांझा व्यापारियों का उत्पीड़न तुरंत रोकने और केवल प्रतिबंधित प्लास्टिक व चाइनीज मांझे के सिंडिकेट के खिलाफ प्रभावी छापेमारी करने की मांग की जाएगी।
जल्द होगी महाबैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे पर बेहद शीघ्र ही शहर के समस्त मांझा व्यापारियों की एक बड़ी महाबैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उद्योग को बचाने के लिए आगे के आंदोलन और रणनीति की रूपरेखा तय होगी।
इस महत्वपूर्ण विमर्श के दौरान व्यापार मंडल नेता सुशील पटेल, राजेन्द्र गुप्ता सहित कॉटन मांझा व्यापारी कल्याण समिति के तमाम प्रमुख पदाधिकारी, विनिर्माता और गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे।
संपादित: स्थानीय व्यापार एवं उद्योग ब्यूरो
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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