शेखपुरा: लापरवाह अफसरों पर ऐक्शन
शेखपुरा: डीएम शेखर आनंद की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज; 2131 मामलों में बॉडी वारंट के निर्देश
शेखपुरा (बिहार): समाहरणालय के मंथन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय साप्ताहिक सोमवारीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व, नीलामपत्रवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएचईडी (PHED) और अतिक्रमण समेत कई प्रमुख विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई. कार्यों में शिथिलता को लेकर डीएम ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाह अधिकारियों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
बड़े बकायेदारों पर कड़ा एक्शन: 2131 मामलों में बॉडी वारंट का आदेश
नीलामपत्रवाद की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया:
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बॉडी वारंट जारी: थाना स्तर पर लंबे समय से लंबित पड़े 2131 मामलों में तुरंत बॉडी वारंट जारी करने का आदेश पुलिस और संबंधित अधिकारियों को दिया गया.
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बकायेदारों पर कार्रवाई: जिले के सभी बड़े बकायेदारों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए.
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जवाब-तलब: राज्य खाद्य निगम (SFC) के पदाधिकारी द्वारा सरकारी कार्यों व रिकवरी में बरती गई शिथिलता पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और उनसे स्पष्टीकरण (Show cause) मांगने का निर्देश दिया.
राजस्व और भू-स्थानांतरण में तेजी लाने की हिदायत
‘राजस्व महाअभियान’ और ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए डीएम ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश दिए:
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लंबित आवेदन: भू-स्थानांतरण के 10 लंबित आवेदनों का तत्काल प्रभाव से निष्पादन किया जाए.
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प्राथमिकता वाले कार्य: आम जनता से जुड़े अतिक्रमण, जमाबंदी, परिमार्जन, भू-मापी (जमीन की पैमाइश) और ऑनलाइन रसीद कटवाने के मामलों को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए.
9394 बुजुर्गों की पेंशन न रुके, लगाएं विशेष शिविर
सामाजिक सुरक्षा पेंशन की समीक्षा में यह बात सामने आई कि जिले के 9394 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण (Life Verification) अभी भी लंबित है. बुजुर्गों और असहायों की पेंशन न रुके, इसे ध्यान में रखते हुए डीएम ने सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक को निर्देश दिया कि वे हर क्षेत्र में विशेष शिविर (Camp) आयोजित कर इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करवाएं.
PHED को अंतिम चेतावनी: भ्रामक रिपोर्ट दी तो होगी कार्रवाई
जल संसाधन एवं स्वच्छता विभाग (PHED) की समीक्षा करते हुए कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि वे चिन्हित 10 आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के कार्य में तेजी लाएं. डीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी दी:
“जनता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी भी अधिकारी या अभियंता ने जमीनी हकीकत छुपाने के लिए गलत या भ्रामक रिपोर्ट पेश की, तो उनके खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी.”
हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री दरबार के मामलों का समय पर हो निस्तारण
प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए डीएम ने सभी सीओ और अनुमंडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री जनता दरबार, सीएम डैशबोर्ड, आयुक्त/सचिव स्तर से प्राप्त निर्देशों तथा माननीय हाईकोर्ट में लंबित एमजेसी (MJC) समेत सभी विधिक मामलों का तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें.
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
इस मैराथन समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता (AC), सिविल सर्जन (CS), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), डीसीएलआर (DCLR), वरीय उपसमाहर्ता-सह-जिला गोपनीय प्रभारी समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय आला अधिकारी और विभिन्न प्रखंडों के अंचलाधिकारी (CO) मुख्य रूप से मौजूद रहे.
रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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