राहुल गांधी पर FIR, भड़की कांग्रेस
‘संविधान बनाम मनुस्मृति’: राहुल गांधी पर FIR के बाद भड़की कांग्रेस, BJP और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला
नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मैदान के ‘शुद्धिकरण’ (हवन व सफाई) विवाद ने देश में एक नया राजनीतिक संग्राम छेड़ दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को ‘छुआछूत’ और संवैधानिक अपराध बताते हुए कार्रवाई की मांग करने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर ही उत्तराखंड पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस कानूनी कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की सोच को ‘मनुवादी मानसिकता’ करार दिया है।
‘शुद्धिकरण’ कराने वालों के बजाय आवाज उठाने वाले राहुल गांधी पर केस
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बाद कथित तौर पर गंगाजल छिड़ककर हवन पूजन किया गया था। राहुल गांधी ने इसे दलित समाज का अपमान बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, कार्रवाई करने के बजाय हल्द्वानी थाने में राहुल गांधी के खिलाफ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और SC/ST कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
‘एक नहीं, हजार FIR करवाएं अमित शाह; नहीं रुकेगी वंचितों की आवाज’
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व को ललकारते हुए कहा है कि सत्ता के दम पर दर्ज कराई जा रही एफआईआर से राहुल गांधी डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक क्या, सरकार चाहे तो हजार एफआईआर दर्ज करा ले, राहुल गांधी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, युवाओं और समाज के हर शोषित वर्ग के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
देश संविधान से चलेगा, किसी संकीर्ण विचारधारा से नहीं
पार्टी ने इस पूरे प्रकरण को दो विचारधाराओं की लड़ाई बताया—एक तरफ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का समतावादी ‘भारतीय संविधान’ है, तो दूसरी तरफ भेदभाव और छुआछूत को बढ़ावा देने वाली संकीर्ण सोच। कांग्रेस का कहना है कि भारत केवल और केवल संविधान की मर्यादाओं से ही संचालित होगा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

