बरेली कैंट बोर्ड: विकास को मिली मंजूरी
बरेली कैंट बोर्ड की बैठक: वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और मल्टी-लेवल पार्किंग को मंजूरी, डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा छावनी क्षेत्र
मंगलवार को छावनी परिषद कार्यालय स्थित नेहरू सभागार में ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह (YSM) की अध्यक्षता में सामान्य बोर्ड बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विकास, स्वच्छता और तकनीकी नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन और नामित सदस्य डॉ. वैभव जायसवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पर्यावरण और स्वच्छता: कचरे से बनेगी बिजली
छावनी परिषद ने पर्यावरण संरक्षण और कचरा निस्तारण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है:
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वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट: 20 TPD (टन प्रतिदिन) क्षमता वाले प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी गई, जो कचरे से ऊर्जा पैदा करेगा।
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प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट: प्लास्टिक कचरे से पावर ब्लॉक बनाने की इकाई स्थापित करने पर विचार हुआ।
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जल संचयन: वर्षा जल संचयन के लिए तालाब निर्माण और कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन अध्ययन को हरी झंडी दी गई।
इंफ्रास्ट्रक्चर: पार्किंग और सड़कों का कायाकल्प
शहर के व्यस्त इलाकों में जाम और जर्जर बुनियादी ढांचे की समस्या के समाधान हेतु निर्णय लिए गए:
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मल्टी-लेवल पार्किंग: बीआई बाजार में वाहनों के दबाव को कम करने के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण होगा।
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नवीनीकरण: नालों की मरम्मत, सड़कों का सुधार और पुराने जर्जर सुलभ कॉम्प्लेक्सों को हटाकर वहां हरित क्षेत्र (Green Belt) विकसित किया जाएगा।
जनसुविधाएं: स्मार्ट होगा छावनी क्षेत्र
डिजिटल इंडिया की तर्ज पर छावनी निवासियों के लिए सुविधाओं को आसान बनाया जा रहा है:
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डिजिटल प्लेटफॉर्म: शिकायत दर्ज कराने और जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना चैटबॉट और व्हाट्सएप बॉट सेवा शुरू की जाएगी।
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स्मार्ट मॉनिटरिंग: स्वच्छता की निगरानी के लिए स्मार्ट स्वच्छता मॉनिटरिंग सिस्टम (SMART) लागू होगा।
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अस्पताल और स्कूल: छावनी अस्पताल और स्कूलों के लिए नए एसी, फर्नीचर और उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। साथ ही अस्पताल के बेहतर प्रबंधन के लिए ‘अस्पताल प्रशासक’ की नियुक्ति होगी।
कर्मचारी और प्रदूषण नियंत्रण
बैठक में परिषद के कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए एसीपी (ACP) योजना के तहत लाभ देने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही, प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से पूरे छावनी क्षेत्र में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- रोहिताश कुमार भास्कर पत्रकार
- सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)

