बरेली: प्रधान हत्याकांड में 5 को उम्रकैद
बरेली: परगवां ग्राम प्रधान मोहम्मद इशहाक अली हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला; महिला समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, 2 बरी
विशेष प्रादेशिक एवं विधिक ब्यूरो: बरेली (उत्तर प्रदेश)
बरेली के थाना कैंट क्षेत्र स्थित परगवां गांव में वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की रंजिश में हुई नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान मोहम्मद इशहाक अली की सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सेशन जज-प्रथम विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने हत्या की खूनी वारदात को अंजाम देने वाले 4 मुख्य आरोपियों और साजिश में शामिल 1 महिला समेत कुल 5 दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
अदालत ने हत्यारों पर कुल 3.60 लाख रुपये और मुख्य साजिशकर्ता महिला पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया है। वहीं, सबूतों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।
चुनावी हार की तिलमिलाहट और खौफनाक साजिश
यह वारदात केवल एक हत्या का मामला नहीं, बल्कि चुनावी हार की तिलमिलाहट और रंजिश का सनसनीखेज वाकया है:
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चुनाव और वोटर लिस्ट विवाद: परगवां गांव के नव-निर्वाचित प्रधान मोहम्मद इशहाक अली ने चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी पूर्व प्रधान रतन लाल और मोहर सिंह उर्फ मोर सिंह को भारी मतों से शिकस्त दी थी। इसके अलावा इशहाक ने मोहर सिंह और उसके बेटे अनुराग पर फर्जी दस्तावेजों से वोटर लिस्ट में हेरफेर की एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
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शपथ से पहले जान से मारने की धमकी: रंजिश के चलते आरोपी लगातार इशहाक को शपथ लेने से पहले जान से मारने की धमकियां दे रहे थे, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी गांव में फैली थी।
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महिला की मुखबिरी से मिली लोकेशन: 20 मई 2021 को जब प्रधान इशहाक अपनी बीमार पत्नी सकीना का शहर से इलाज कराकर लौट रहे थे, तब पड़ोस की आशिया नाम की महिला ने सकीना से शहर जाने की खबर जुटाई और तुरंत फोन करके मोहर सिंह को उनकी सटीक लोकेशन दे दी।
रास्ते में घेरकर गोलियों से भूना, पिता के सामने हुई वारदात
शाम लगभग 4 से 5 बजे के बीच जैसे ही प्रधान इशहाक की बाइक कांधरपुर से परगवां जाने वाले खड़ंजे पर पहुंची, वहां पहले से घात लगाए बैठे असलहाधारी हमलावरों ने उन्हें रोककर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी:
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पत्नी घायल, खेत में दौड़ाकर मारा: गोलियों के छर्रे लगने से सकीना गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। जान बचाकर खेत की ओर भागे इशहाक को हमलावरों ने चारों तरफ से घेरकर गोलियों से भून डाला।
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चश्मदीद गवाह: पास के खेत में काम कर रहे मृतक के पिता इश्त्याक अली और रिश्तेदार हसन असगर ने हमलावरों को ललकारते हुए वारदात को अपनी आंखों से देखा, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
एफएसएल रिपोर्ट, कॉल डिटेल्स और 14 गवाहों ने खोली पोल
थाना कैंट पुलिस के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 12 बोर व 315 बोर के तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की टीवीएस स्पोर्ट बाइक बरामद की थी।
सरकारी वकील सुनील पांडेय ने अदालत में कुल 14 गवाह पेश किए। इसके अलावा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मेडिकल रिपोर्ट्स ने आरोपियों की आपराधिक साजिश को अदालत के सामने पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
किसे क्या मिली सजा?
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उम्रकैद की सजा पाए दोषी (हत्या के जुर्म में): मोहर सिंह, उसका दामाद भगवत पटेल (निवासी सिंघाई मुरावान, थाना भुता), भगवत का साथी राहुल उर्फ धीरू (निवासी लाल फाटक, थाना कैंट) और लोकेश पटेल (निवासी मुड़िया अहमदनगर, थाना इज्जतनगर)।
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साजिशकर्ता महिला को उम्रकैद: आशिया (निवासी कस्बा मीरगंज) को हत्या की साजिश रचने (धारा 120B) के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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सबूतों के अभाव में बरी: अभियोजन पक्ष पूर्व प्रधान रतनलाल और उसके पुत्र राहुल के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका, जिसके चलते कोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया।
प्रादेशिक एवं विधिक ब्यूरो: बरेली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

