कलेक्ट्रेट गेट पर आत्महत्या का प्रयास

सरकारी रास्ते के विवाद में सुनवाई न होने पर परिवार सहित आत्महत्या का प्रयास, कलेक्ट्रेट गेट पर मचा हड़कंप


उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कलेक्ट्रेट परिसर उस समय छावनी और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब एक पीड़ित परिवार ने सरकारी रास्ते के विवाद में न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर सामूहिक रूप से आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। मौके पर मुस्तैद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बचा लिया और उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।

क्या है पूरा मामला?

यह गंभीर मामला बरेली जिले के थाना मीरगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खनपुरा का है:

  • पीड़ित पक्ष: ग्राम खनपुरा निवासी लाल सिंह (पुत्र बैजनाथ), सुंदर लाल (पुत्र मुन्नालाल) तथा चम्पापाल (पुत्र भूराराम) अपने परिवारों के साथ गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

  • रास्ता अवरुद्ध करने का आरोप: पीड़ितों का सीधा आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंगों, जिनमें रामप्रकाश (पुत्र भूराराम) और चम्पापाल (पुत्र भूराराम) शामिल हैं, द्वारा गांव के सार्वजनिक सरकारी खड़ंजा मार्ग पर जबरन अपने निजी वाहन खड़े किए जा रहे हैं, मवेशी (पशु) बांधे जा रहे हैं और भारी लकड़ियां रखकर पूरे रास्ते को पूरी तरह बाधित कर दिया गया है।

  • आवागमन ठप: इस अवैध अतिक्रमण के कारण पीड़ितों सहित गांव के अन्य सामान्य ग्रामीणों का भी मुख्य मार्ग से संपर्क और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।

प्रशासनिक उदासीनता से बढ़े मानसिक तनाव का आरोप

पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस समस्या को लेकर पिछले लंबे समय से तहसील दिवस से लेकर जिला मुख्यालय तक के चक्कर काट रहे हैं:

“इस संबंध में कई बार तहसील और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं। मामले में पहले भी एक बार औपचारिक जांच हुई थी और दोनों पक्षों के बीच अस्थाई समझौता भी कराया गया था। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद दूसरे पक्ष ने दोबारा दबंगई दिखाते हुए रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई स्थायी प्रशासनिक समाधान नहीं निकला, तो पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव में आ गया और अंततः कलेक्ट्रेट गेट पर यह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हुआ।”

अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट में मौजूद वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और कानून को हाथ में न लेने व ऐसा आत्मघाती कदम न उठाने की सख्त हिदायत के साथ-साथ समझाया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ितों को आश्वस्त किया है कि इस भूमि और रास्ते के विवाद की नए सिरे से पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर सभी पक्षों को सुनेगी और नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए आम रास्ते को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है।


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