शेखपुरा SDO की समीक्षा बैठक

बिहार: भूमि विवादों के त्वरित निपटारे और श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर एसडीओ ने की समीक्षा बैठक

शेखपुरा, बिहार: जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन और आगामी पावन श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) सुश्री प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुमंडल क्षेत्र के सभी अंचलाधिकारी (COs) और थानाध्यक्ष (SHOs) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

भूमि विवादों पर सख्त निर्देश: पैमाइश और अतिक्रमण पर होगी त्वरित कार्रवाई

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने भूमि से जुड़े विभिन्न संवेदनशील और विवादित मामलों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश जारी किए:

  • लंबित मामलों का निपटारा: जमीन बंटवारे और मापी (पैमाइश) के जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए, ताकि कोई भी पारिवारिक या स्थानीय विवाद आगे चलकर हिंसक रूप न ले सके।

  • अतिक्रमण मुक्ति अभियान: सरकारी और सार्वजनिक भूमियों पर किए गए किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए।

  • असामाजिक तत्वों पर नकेल: क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध और अशांति फैलाने वाले तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत धाराओं (पूर्व में धारा 126 और 163) के तहत कठोर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सहयोग शिविर के आवेदनों की होगी जमीनी जांच: केवल कागजी खानापूर्ति नहीं

जनसमस्याओं के निवारण के लिए आयोजित ‘सहयोग शिविर’ के तहत प्राप्त लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए एसडीओ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:

“जनता की शिकायतों को लेकर अब केवल कागजी खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित राजस्व और पुलिस पदाधिकारी स्वयं मौके (स्थल) पर जाएं और आवेदनों की गहन धरातलीय जांच करें। मामलों का निष्पादन पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।”

कानून व्यवस्था और श्रावणी मेला की चाक-चौबंद तैयारी

बैठक में अपराध नियंत्रण और आगामी त्योहारों को लेकर भी रणनीति तैयार की गई:

  • लंबित वारंटों का निष्पादन: कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सभी थानों को कोर्ट द्वारा जारी लंबित वारंटों का शत-प्रतिशत त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

  • श्रावणी मेला की रूपरेखा: आगामी पावन श्रावणी मेला के मद्देनजर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, सुगम यातायात प्रबंधन, रूट डायवर्जन और कांवरियों की बुनियादी सुविधाओं (पेयजल, स्वास्थ्य, प्रकाश व्यवस्था) को लेकर अभी से ठोस प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने की हिदायत दी गई।

लापरवाही पर मिलेगी सजा:

बैठक के अंत में अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री प्रियंका कुमारी ने स्पष्ट कर दिया कि सभी अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष आपसी बेहतर समन्वय (Coordination) से हर मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। यदि किसी भी स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मी द्वारा शिथिलता या लापरवाही बरती गई, तो उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


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