सेना का ऐतिहासिक EV अभियान शुरू
कसौली से लेह तक भारतीय सेना का ऐतिहासिक EV अभियान; 11 दिनों में तय होगी 1663 KM की दुर्गम दूरी!
सोलन (हिमाचल प्रदेश):
भारतीय सेना ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश के कसौली से लद्दाख के लेह तक के लिए सेना ने ‘सूर्य ग्रीन-हिमालयन ओडिसी’ नाम से एक बेहद चुनौतीपूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अभियान की शुरुआत की है। इस सफर के जरिए सेना दुनिया को इको-फ्रेंडली मोबिलिटी का एक बड़ा संदेश देने जा रही है।
🏔️ ‘सूर्य ग्रीन-हिमालयन ओडिसी’: शून्य उत्सर्जन, बुलंद इरादे
भारतीय सेना हमेशा से ही कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध रही है। इस अभियान के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
10 गाड़ियों का काफिला: इस अभियान में कुल 10 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां हिस्सा ले रही हैं।
1663 किलोमीटर का सफर: ये गाड़ियां पहाड़ों के सबसे कठिन और दुर्गम रास्तों से होते हुए कुल 1,663 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
11 दिनों की कड़ी परीक्षा: बेहद कम ऑक्सीजन और शून्य से नीचे के तापमान वाले इलाकों से गुजरते हुए यह अभियान 11 दिनों में लेह पहुंचेगा।
⚡ सबसे ऊंचे और कठिन रास्तों पर ईवी (EV) का टेस्ट
कसौली से लेह का रास्ता देश के सबसे ऊंचे पर्वतीय दर्रों (Mountain Passes) से होकर गुजरता है। इतनी ऊंचाई और कड़ाके की ठंड में इलेक्ट्रिक वाहनों को दौड़ाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
इस अभियान के जरिए भारतीय सेना न केवल दुर्गम और बर्फीले इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्षमता, बैटरी परफॉर्मेंस और मजबूती का परीक्षण करेगी, बल्कि हिमालयी क्षेत्र के संवेदनशील पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने की प्रेरणा भी देगी। सेना का यह कदम भविष्य में रक्षा बलों में ग्रीन एनर्जी के उपयोग के नए रास्ते खोलेगा।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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