आगरा: 1.22 करोड़ की ड्रग्स बरामद

आगरा: यूपी एसटीएफ और एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई; 1.22 करोड़ के इंटरनेशनल ‘औजी गांजा’ और एमडीएमए (MDMA) के साथ महिला समेत 4 ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) ने आगरा कमिश्नरेट पुलिस और एएनटीएफ (ANTF) यूनिट के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत रखने वाले हाई-टेक नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त टीम ने आगरा के सिकन्दरा थाना क्षेत्र में एक किराये के मकान पर छापा मारकर एक महिला सहित 4 सक्रिय ड्रग्स तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कैलिफ़ोर्निया से आने वाला हाई-क्वालिटी ‘औजी गांजा’ (ओसियन ग्रीन/हाइड्रोपोनिक बीज) और भारी मात्रा में एमडीएमए (MDMA) बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपये आंकी गई है

यह गिरोह थाईलैंड में बैठे एक बड़े सप्लायर के संपर्क में था और दिल्ली से माल लाकर आगरा व आसपास के क्षेत्रों में इसकी पुड़िया (डोज) बनाकर महंगे दामों पर बेचता था

प्रेस नोट (संख्या: 156) के अनुसार गिरफ्तारी का विवरण

  • गिरफ्तार अभियुक्तगण:

    1. जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीतू (पुत्र रूप किशोर)

    2. प्रेमकुमार प्रजापति (पुत्र रूपकिशोर)

    3. बबलू शर्मा (पुत्र सुधीर शर्मा) (उपरोक्त तीनों निवासी: मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा)

    4. श्रीमती नन्हीं देवी (पत्नी रूपकिशोर), निवासी: मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृन्दावन, मथुरा

  • गिरफ्तारी का स्थान, दिनांक व समय: नवीन गौतम का मकान, शिवपुरी कॉलोनी, असोपा हॉस्पिटल के पास, थाना सिकन्दरा, पुलिस कमिश्नरेट आगरा; दिनांक 27 मई, 2026 को समय रात्रि 22:51 बजे

  • दर्ज मुकदमा: मु०अ०सं०-257/2026, धारा 8/20/22/29 एन०डी०पी०एस० (NDPS) एक्ट, थाना सिकन्दरा, कमिश्नरेट आगरा

बरामदगी का विवरण (Seizure Memo)

एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके से निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्रियां जब्त की हैं:

  1. 1.0645 किलोग्राम औजी गांजा (ओसियन ग्रीन/हाइड्रोपोनिक बीज – DRONABINOL), अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: लगभग 1 करोड़ 06 लाख रुपये

  2. 147 ग्राम एमडीएमए (MDMA), अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: लगभग 16 लाख रुपये

  3. 05 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन

  4. 1500 रुपये नगद

  5. 01 अदद इलेक्ट्रॉनिक तराजू (नशीले पदार्थों को तोलने के लिए)

थाईलैंड और दिल्ली से जुड़े थे तार, सटीक इनपुट पर घेराबंदी

आगरा कमिश्नरेट और उसके आसपास के जिलों में महंगे व सिंथेटिक नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक (STF फील्ड इकाई, आगरा) श्री राकेश के पर्यवेक्षण में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया था

“दिनांक 27 मई को एसटीएफ आगरा के उपनिरीक्षक श्री योगेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी विवेक कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, आरक्षी हरपाल, प्रदीप चौधरी, मानवेन्द्र और चालक महेश सिंह की टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि मथुरा का रहने वाला जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीतू अपने साथी बबलू शर्मा के साथ दिल्ली से ‘औजी गांजा’ और ‘MDMA’ की बड़ी खेप लेकर आया है और सिकन्दरा क्षेत्र की शिवपुरी कॉलोनी में स्थित नवीन गौतम के मकान में बैठकर उसे सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। एसटीएफ ने बिना देर किए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) आगरा जोन और थाना सिकन्दरा पुलिस को साथ लेकर बताए गए मकान पर छापा मार दिया और मौके पर मौजूद चारों तस्करों को दबोच लिया।”

पूछताछ में बड़ा खुलासा: 3.5 ग्राम की एक पैकिंग ₹7500 में बेचते थे

गिरफ्तार मुख्य आरोपी जितेन्द्र उर्फ जीतू प्रजापति ने पूछताछ में इस हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया:

  • पारिवारिक ड्रग्स बिजनेस: जितेन्द्र ने बताया कि उसकी मां नन्हीं देवी पिछले 3-4 वर्षों से वृन्दावन (मथुरा) क्षेत्र में गांजा और नशीले पदार्थ बेचने का काम कर रही थीं, जो पानीपत व दिल्ली से माल लाती थीं। उसकी बहन सुमन की शादी आगरा के पश्चिमपुरी क्षेत्र के रहने वाले सौरभ से हुई, जिसके बाद जीजा सौरभ भी इस धंधे में शामिल हो गया और जितेन्द्र को भी साथ ले जाने लगा

  • जीजा की मौत के बाद संभाली कमान: कुछ समय पूर्व एक सड़क दुर्घटना में जीजा सौरभ की मौत हो गई, जिसके बाद जितेन्द्र और उसका भाई प्रेमकुमार इस धंधे को पूरी तरह संभालने लगे। नेटवर्क को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपने पड़ोसी बबलू शर्मा को भी गिरोह में शामिल कर लिया

  • कैलिफ़ोर्निया से थाईलैंड और फिर भारत: तस्करों ने बताया कि बरामद किया गया ‘औजी गांजा’ मूल रूप से कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका) से आता है, जिसकी 3.5 ग्राम की सील्ड पैकिंग होती है। वे इस एक छोटी पैकिंग को ग्राहकों को 7,500 रुपये की मोटी कीमत पर बेचते थे

थाईलैंड में बैठा ‘कुशाग्र’ है मुख्य मास्टरमाइंड

पूछताछ में इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के मुख्य सप्लायर का नाम कुशाग्र सामने आया है, जो वर्तमान में थाईलैंड में रह रहा है। कुशाग्र नशीले पदार्थों की खेप को भारत में अपने अज्ञात गुर्गों के जरिए किसी सुनसान या एकांत स्थान पर रखवा देता था। इसके बाद जितेन्द्र और उसके साथी बताए गए स्थान से माल उठा लेते थे और ड्रग्स के पैसे वहीं गुप्त रूप से छोड़कर चले आते थे। आरोपी कुशाग्र के अलावा उसके किसी अन्य गुर्गे को आमने-सामने नहीं जानते थे

अग्रिम कानूनी कार्रवाई तेज

पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सिकन्दरा (आगरा) में एनडीपीएस एक्ट की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की टीमें अब थाईलैंड में बैठे मास्टरमाइंड कुशाग्र के भारतीय संपर्कों और इस गिरोह के खरीदारों (विशेषकर कॉलेज छात्रों और रसूखदारों) की कुंडली खंगालने में जुट गई हैं ताकि इस पूरे रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके



गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


गोरखपुर: 20 लाख की चरस के साथ तस्कर अरेस्ट!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: