शेखपुरा में पेयजल संकट पर प्रशासन सख्त

शेखपुरा: पेयजल संकट पर प्रशासन सख्त, लापरवाह अधिकारियों और संवेदकों पर होगी कार्रवाई

(रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा)

शेखपुरा (बिहार): भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच शेखपुरा में गहराते पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को अपर समाहर्ता (ADC) लखींद्र पासवान ने समीक्षा बैठक कर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता को पानी के लिए परेशान करने वाली लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


ADC के सख्त निर्देश: “युद्धस्तर पर हो काम”

अपर समाहर्ता ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारियों को निम्नलिखित कार्यों के लिए तत्काल समय-सीमा निर्धारित की है:

  1. नल-जल योजना की मरम्मत: जिले में जहाँ भी मोटर या स्टार्टर खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। पाइपलाइन में लीकेज की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर जलापूर्ति बहाल करने के आदेश दिए गए।

  2. चापाकल मरम्मत अभियान: खराब पड़े चापाकलों को ठीक करने के लिए विशेष टीमें भेजी जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत कम हो सके।

  3. विद्युत समन्वय: नल-जल योजनाओं के संचालन में बिजली की समस्या आड़े न आए, इसके लिए बिजली विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

  4. निचले स्तर पर समाधान: ADC ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हर सोमवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में नागरिक पानी की शिकायत लेकर सीधे डीएम के पास पहुँच रहे हैं। इसका मतलब है कि निचले स्तर पर अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं।

लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

बैठक के दौरान एडीसी लखींद्र पासवान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “नागरिकों को पानी के लिए भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर कोताही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और संवेदकों (ठेकेदारों) पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में डीसीएलआर (DCLR) मृत्युंजय कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सौरव सत्यम, पीएचईडी के सहायक अभियंता (AE), कनीय अभियंता (JE) और विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में जिले के नगर निकायों और वार्डों के लोगों को पानी की किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

 (Allrights Magazine)


भारत-ब्रिटेन विज्ञान और जलवायु चर्चा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: