दो राज्यों में बंटा अनोखा स्टेशन
टिकट काउंटर मध्य प्रदेश में, तो राजस्थान में लगती है लाइन: जानिए भारत के इस अनोखे रेलवे स्टेशन की दिलचस्प कहानी
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे विशाल और विस्तृत रेल नेटवर्कों में से एक है, जो हर दिन अनगिनत अनूठे और रोचक अनुभवों को अपने भीतर समेटे हुए है। यदि आप भी ट्रेन से यात्रा करने के शौकीन हैं या भारतीय रेलवे की अनोखी बातों को जानने में रुचि रखते हैं, तो देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी मौजूद है जो दो अलग-अलग राज्यों की सीमाओं में आधा-आधा बंटा हुआ है।
इस अनूठे स्टेशन की सबसे खास बात यह है कि इसका टिकट काउंटर किसी एक राज्य में पड़ता है, तो टिकट लेने के लिए यात्रियों की लगने वाली कतार (लाइन) दूसरे राज्य की सीमा में चली जाती है।
भवानी मंडी रेलवे स्टेशन: एक पटरी, दो राज्य
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले भवानी मंडी (Bhawani Mandi) रेलवे स्टेशन का बंटवारा राजस्थान और मध्य प्रदेश दो राज्यों के बीच हुआ है:
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मध्य प्रदेश में टिकट काउंटर: स्टेशन का बुकिंग ऑफिस और टिकट काउंटर मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की सीमा में स्थित है।
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राजस्थान में प्लेटफॉर्म का बड़ा हिस्सा: वहीं, स्टेशन का प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म का मुख्य हिस्सा और यात्रियों की कतार राजस्थान के झालावाड़ जिले की सीमा में आती है।
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ट्रेन का आधा हिस्सा MP, आधा राजस्थान में: जब भी कोई ट्रेन इस स्टेशन पर आकर रुकती है, तो उसका इंजन एक राज्य में होता है और आखिरी डिब्बा (गार्ड का डिब्बा) दूसरे राज्य की सीमा में खड़ा रहता है।
घरों और दुकानों के बीच से गुजरती है राज्य की सीमा
भवानी मंडी शहर की सीमाएं भी इस रेलवे स्टेशन की तरह ही दिलचस्प हैं। यहाँ कई घर और दुकानें ऐसे हैं जिनका पिछला दरवाजा मध्य प्रदेश में खुलता है और मुख्य दरवाजा राजस्थान में। स्टेशन मास्टर और रेल कर्मियों के लिए भी प्रशासनिक स्तर पर यह स्टेशन हमेशा आकर्षण और अनूठे अनुभव का केंद्र बना रहता है।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

