बंगाल: POCSO कोर्ट ने दी उम्रकैद
पश्चिम बंगाल: पोस्ट-पोल वायलेंस मामले में CBI की जांच के बाद बड़ा फैसला; POCSO कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
विशेष राष्ट्रीय एवं कानूनी ब्यूरो: मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित पॉक्सो (POCSO) विशेष अदालत, जंगीपुर ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो मुख्य अभियुक्तों—करीम शेख और सैयद तार्जन हुसैन को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के गंभीर अपराधों के तहत आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
वर्ष 2021 में राज्य विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद हुई हिंसा (Post-Poll Violence) के दौरान नाबालिग के साथ हुए इस जघन्य अपराध में अदालत ने दोनों दोषियों को 28 जुलाई 2026 को दोषी ठहराया था, जिसके बाद 29 जुलाई 2026 को सजा का ऐलान किया गया।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने संभाली थी जांच
वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की चुनावी हिंसा को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 को ऐतिहासिक आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने हत्या और महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों (जैसे बलात्कार या बलात्कार का प्रयास) से जुड़े सभी मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया था।
उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए, सीबीआई (SCB, कोलकाता) ने 27 मई 2022 को मुर्शिदाबाद जिले के फरकक्का थाना में दर्ज एफआईआर (118/21) का अधिग्रहण कर मामला दर्ज किया। पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत के आधार पर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376DA, 365 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत जांच शुरू की गई थी।
पीड़िता को ₹5 लाख का मुआवजा और एम्बुलेंस की बिक्री से सहायता
अदालत ने केवल कठोर सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़ित पक्ष के लिए आर्थिक पुनर्वास और न्याय का प्रावधान भी किया है:
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आजीवन कारावास और सश्रम कारावास: दोषियों को धारा 376DA के तहत उम्रकैद के अलावा अन्य धाराओं में अलग-अलग अवधि के लिए सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई गई है, जो एक साथ (Concurrently) चलेगी।
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₹5 लाख का मुआवजा: जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (DLSA), मुर्शिदाबाद द्वारा पीड़िता को ₹5,00,000 की आर्थिक मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
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आरोपी की एम्बुलेंस नीलामी: मामले में आरोपी की एम्बुलेंस की बिक्री से प्राप्त पूरी राशि भी पीड़िता को सहायता के रूप में दी जाएगी।
राष्ट्रीय एवं कानूनी ब्यूरो: मुर्शिदाबाद
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

