‘रिजीम चेंज’ के सपने देखने वालों को जनता का करारा जवाब: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले—140 करोड़ भारतीयों के विश्वास के आगे हर साजिश हो रही है ध्वस्त
“जनता का अतुल्नीय विश्वास और ‘रिजीम चेंज’ के ध्वस्त होते सपने: वैश्विक पटल पर ऊंचे सिर के साथ खड़ा नया भारत—शिवराज सिंह चौहान”
विशेष संपादकीय एवं राजनीतिक विश्लेषण (ऑल RIGHTs मैगजीन)
नई दिल्ली: भारतीय राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में सुशासन, राष्ट्रवाद और नेतृत्व की भूमिका को लेकर इन दिनों तीखी वैचारिक बहस जारी है। देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक तीखे और सारगर्भित वक्तव्य में देश की जनता के अटूट विश्वास को रेखांकित करते हुए उन ताकतों पर करारा प्रहार किया है, जो देश में अस्थिरता और सत्ता परिवर्तन (Regime Change) के दिवास्वप्न देखती रहती हैं। आज भारत जिस गति से आर्थिक, सामरिक और सामाजिक विकास के पथ पर अग्रसर है, उसने देश-विदेश में बैठे उन तत्वों की नींद उड़ा दी है जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं।
1. 140 करोड़ भारतीयों का अटूट विश्वास और नेतृत्व
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जनता के दिलों में बसता नेतृत्व: देश के युवाओं, अन्नदाता किसानों, माताओं-बहनों और समाज के शोषित-वंचित वर्गों का वर्तमान राष्ट्रीय नेतृत्व पर पूर्ण और अगाध भरोसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति यह विश्वास केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है।
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वैश्विक स्तर पर बढ़ता भारत का मान: आज का भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसी के दबाव में काम करने वाला देश नहीं है, बल्कि अपनी शर्तों पर दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला एक सशक्त राष्ट्र बन चुका है। पूरी दुनिया में भारतीय पासपोर्ट और देश के नागरिकों का सम्मान कई गुना बढ़ा है।
2. आतंकवाद, नक्सलवाद का अंत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण
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सुरक्षा के मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता: देश के आंतरिक मोर्चे पर सरकार ने कठोर इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है। कभी लाल आतंक के साए में जीने वाले इलाके आज विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
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विकसित और आत्मनिर्भर भारत: ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प आज धरातल पर उतर रहा है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure), तकनीक, रक्षा उत्पादन और कृषि आधुनिकीकरण के क्षेत्र में देश ने जो छलांग लगाई है, वह अभूतपूर्व है।
3. ‘रिजीम चेंज’ गैंग के नापाक मंसूबे और जनता की दीवार
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जनता की दीवार से टकराकर टूटे सपने: देश की तरक्की से असहज रहने वाले कुछ स्वार्थी राजनीतिक दल और वैचारिक समूह लगातार ‘रिजीम चेंज’ (Regime Change) के षड्यंत्र रचते रहते हैं। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि 140 करोड़ भारतीयों की सजगता और मजबूत दीवार के सामने उनके ये सारे षड्यंत्र हर बार धूल-धूसरित हो जाते हैं।
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भ्रम की राजनीति की पराजय: जनता अब पूरी तरह समझ चुकी है कि कौन देश को आगे ले जाना चाहता है और कौन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए देश को अस्थिर करना चाहता है। नकारात्मक राजनीति और दुष्प्रचार की उम्र अब बहुत छोटी हो चुकी है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ राष्ट्रहित, सुशासन और देश की संप्रभुता के पक्ष में मुखर होकर हर महत्वपूर्ण वैचारिक और राजनीतिक परिदृश्य को पाठकों के समक्ष रखती है।
