बेगम अख्तर को संगीतमय नमन: डॉ. सोमा
‘शाम-ए-अख्तरी’ में जीवंत हुईं बेगम अख्तर की यादें: पद्मश्री डॉ. सोमा घोष के सुरों ने बांधा समां, दर्शकों ने दिया स्टैंडिंग ओवेशन
विशेष मनोरंजन एवं शास्त्रीय संगीत ब्यूरो: मुंबई
मुंबई में आयोजित ‘इंडियन ऑयल शाम-ए-अख्तरी’ महान ग़ज़ल सम्राज्ञी बेगम अख्तर को समर्पित एक बेहद भावुक और यादगार संगीतमय संध्या साबित हुई। पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी दिलकश गायकी और सुरीली प्रस्तुति से बेगम अख्तर की अमर ग़ज़लों को पटल पर फिर से जीवित कर दिया।
सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों को सम्मोहित करते हुए डॉ. सोमा घोष ने साबित किया कि बेगम अख्तर सिर्फ़ एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के इतिहास में एहसास, नज़ाकत और अदब की अमर आवाज़ हैं।
फिल्म स्क्रीनिंग: बेगम अख्तर का संघर्ष और कला-साधना
कार्यक्रम का एक मुख्य और विशेष आकर्षण डॉ. शुभंकर घोष द्वारा निर्मित बेगम अख्तर के जीवन पर आधारित एक विशेष डॉक्यु-फिल्म रही:
-
जीवन और संघर्ष की झलक: इस फिल्म के माध्यम से बेगम अख्तर के जीवन के संघर्षों, उनकी असाधारण कला-साधना और गज़ल गायकी के स्वर्णिम सफर को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शकों के सामने रखा गया।
-
इतिहास रचती श्रद्धांजलि: फिल्म और संगीत के इस अनूठे संगम ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया और “जब कला श्रद्धांजलि बन जाए, तब हर सुर इतिहास रच देता है” का अहसास हर दिल में गूंजता दिखा।
हाउसफुल रहा आयोजन, मिला स्टैंडिंग ओवेशन
मुंबई का यह भव्य आयोजन कला और संगीत जगत की अनेक प्रमुख हस्तियों व गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी से गुलज़ार रहा:
-
हाउसफुल सभागार: गज़ल प्रेमियों से पूरा ऑडिटोरियम खचाखच भरा हुआ था।
-
स्टैंडिंग ओवेशन: डॉ. सोमा घोष की प्रस्तुतियां समाप्त होने के बाद पूरे सभागार ने खड़े होकर (Standing Ovation) और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बेगम अख्तर की स्मृतियों और कलाकारों के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।
संस्कृति एवं म्यूज़िक ब्यूरो: मुंबई
ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क

विंबलडन 2026: उर्वशी का ग्लोबल जलवा!
