गोरखपुर में 580 दुर्लभ पक्षी बरामद
गोरखपुर में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: वन्य जीवों का अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 380 रोजरिंग्ड तोते और 200 लाल मुनिया बरामद
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को वन्य जीवों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की लखनऊ टीम ने स्थानीय वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए जनपद गोरखपुर से एक अंतर्राज्यीय तस्कर को भारी मात्रा में प्रतिबंधित पक्षियों के साथ गिरफ्तार किया है।
तस्कर के पास से संरक्षित प्रजाति के कुल 380 तोते और 200 लाल मुनिया पक्षी बरामद किए गए हैं, जिन्हें लोहे के पिंजड़ों में क्रूरतापूर्वक बंद करके रखा गया था।
छापेमारी और गिरफ्तारी का विवरण
एसटीएफ उत्तर प्रदेश को पिछले काफी समय से संरक्षित वन्य जीवों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की खुफिया जानकारियां मिल रही थीं।
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सफल ऑपरेशन: एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक श्री फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व वाली टीम गोरखपुर में अभिसूचना संकलन के लिए सक्रिय थी।
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मुखबिर की सूचना: इसी दौरान टीम को सटीक सूचना मिली कि थाना राजघाट क्षेत्र के मोहल्ला रायगंज उत्तरी का रहने वाला एक व्यक्ति प्रतिबंधित पक्षियों की बड़ी खेप के साथ अपने घर पर मौजूद है।
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मौके से दबोचा: सूचना की पुष्टि होते ही एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और वन विभाग गोरखपुर की टीम से इनपुट साझा किया। संयुक्त टीम ने 14 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे रायगंज उत्तरी स्थित ठिकाने पर छापा मारकर तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
सेराज अहमद, पुत्र रमजान अहमद, निवासी: ग्राम रायगंज उत्तरी, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर।
भारी मात्रा में प्रतिबंधित पक्षी और पिंजड़े बरामद
संयुक्त टीम द्वारा अभियुक्त के ठिकाने से निम्नलिखित बरामदगी सुनिश्चित की गई है:
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रोजरिंग्ड पैराकीट (तोते): 380 अदद (संख्या)
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लाल मुनिया (पक्षी): 200 अदद (संख्या)
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लोहे के पिंजड़े: 07 अदद
जंगलों से तस्करी कर दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई का नेटवर्क
एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त सेराज अहमद ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। उसने कुबूल किया कि उसका एक संगठित गिरोह है, जो प्रतिबंधित और संरक्षित पक्षियों की धरपकड़ और तस्करी करता है।
अभियुक्त ने बताया कि वह इन संरक्षित पक्षियों को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और लखीमपुर के जंगलों से स्थानीय शिकारियों के माध्यम से इकट्ठा कराता है। इसके बाद इन पक्षियों को बिहार, बंगाल, दिल्ली और देश के अन्य राज्यों के तस्करों को बहुत ऊंचे दामों पर अवैध रूप से सप्लाई किया जाता है।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, विधिक कार्रवाई शुरू
पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ वन विभाग द्वारा सख्त कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। गोरखपुर मुख्यालय रेंज डिवीजन में अभियुक्त के विरुद्ध केस रेंज संख्या 03/2026-27 के तहत वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (यथा संशोधित-2022) की धारा 2, 9, 39, 48ए, 49ए, 50, 51 तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के अंतर्गत गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।
इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश और अग्रिम कानूनी विधिक कार्रवाई गोरखपुर मुख्यालय रेंज डिवीजन द्वारा अमल में लाई जा रही है।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
- (एडिटर (Allrights Magazine)

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