नीति आयोग की 11वीं बैठक संपन्न

नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक संपन्न; 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए समावेशी मानव विकास पर रहा मुख्य फोकस

विशेष राजनीतिक व प्रशासनिक रिपोर्ट

(दिल्ली): देश के नीति निर्धारण और राज्यों के सामूहिक विकास को लेकर राजधानी दिल्ली से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के भव्य परिसर में आज नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council of NITI Aayog) की ११वीं महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई [cite: दिल्ली: नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने बताया है कि नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुई।]।

इस हाई-प्रोफाइल और रणनीतिक बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिसमें देश के सभी २८ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया [cite: इसमें सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।, श्री लाहिड़ी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बैठक को संबोधित किया।]।

बैठक के समापन के बाद नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने बताया कि यह बैठक सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की एक उत्कृष्ट मिसाल रही [cite: शासी परिषद की बैठक के समापन के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए श्री लाहिड़ी ने कहा कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों की दूरदर्शी टिप्पणियों और उनके राज्यों में किए गए कार्यों से नीति आयोग को लाभ हुआ।]। बैठक में देश के विभिन्न मुख्यमंत्रियों द्वारा दी गई दूरदर्शी टिप्पणियों, महत्वपूर्ण सुझावों और उनके राज्यों में किए जा रहे जमीनी स्तर के बेहतरीन कार्यों से नीति आयोग को अपनी भविष्य की नीतियां तय करने में भारी लाभ मिला है [cite: शासी परिषद की बैठक के समापन के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए श्री लाहिड़ी ने कहा कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों की दूरदर्शी टिप्पणियों और उनके राज्यों में किए गए कार्यों से नीति आयोग को लाभ हुआ।]।

मूल विषय: “2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास”

उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने जानकारी दी कि इस वर्ष शासी परिषद की बैठक का मुख्य और बेहद संवेदनशील विषय (थीम) ‘२०४७ तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया था।

  • सफलता की कुंजी: इस विजन के तहत शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Healthcare) और रोजगार (Employment) सहित मानव जीवन के सभी बुनियादी और महत्वपूर्ण पहलुओं को गहनता से शामिल किया गया है [cite: उन्होंने कहा कि बैठक का विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ था, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहित जीवन के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।]।

  • मानव पूंजी का विकास: श्री लाहिड़ी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि भारत के लिए एक सुशिक्षित, तकनीकी रूप से कुशल और स्वस्थ जनसंख्या ही भविष्य में वैश्विक सफलता की असली कुंजी साबित होगी [cite: श्री लाहिड़ी ने इस बात पर जोर दिया कि सुशिक्षित और कुशल जनसंख्या ही सफलता की कुंजी है।]। इसलिए देश को ‘मानव पूंजी’ (Human Capital) के चौतरफा विकास की दिशा में बिना रुके निरंतर काम करना होगा।

सौर, परमाणु ऊर्जा और विनिर्माण पर हुई गहन चर्चा

बैठक के दौरान देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और विनिर्माण (Manufacturing) का वैश्विक हब बनाने को लेकर भी लंबी और सकारात्मक चर्चा हुई:

  1. सौर ऊर्जा (Solar Energy): देश में हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने और बिजली की निर्भरता कम करने के लिए सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर सहमति बनी।

  2. परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy): भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर विचार साझा किए गए।

  3. मेक इन इंडिया: घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को और अधिक प्रतिस्पर्धी व मजबूत बनाने के लिए राज्यों से सहयोग मांगा गया।

जब प्रेस वार्ता के दौरान उपाध्यक्ष से वर्तमान में चल रहे पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि भारत इस पूरे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर वैश्विक शांति के लिए अपनी आवश्यक भूमिका निभा रहा है और हमारा विदेश मंत्रालय (MEA) इस जटिल स्थिति में बेहद गंभीरता और कुशलता के साथ अपना काम कर रहा है [cite: पश्चिम एशिया संकट से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में श्री लाहिड़ी ने कहा कि भारत अपनी भूमिका निभा रहा है और विदेश मंत्रालय इस स्थिति में अपना काम कर रहा है।]।

शहरी शासन में बड़े बदलाव की तैयारी: राजीव गाबा

बैठक में मौजूद नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्य राजीव गाबा ने देश में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक विजन साझा किया:

  • नियोजित शहरीकरण (Planned Urbanization): श्री गाबा ने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए सुनियोजित और व्यवस्थित शहरीकरण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है [cite: नीति आयोग के सदस्य राजीव गाबा ने बताया कि बैठक में शहरीकरण और नियोजित शहरीकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।]।

  • नया अर्बन एजेंडा: उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि नीति आयोग वर्तमान में भारत के शहरी शासन (Urban Governance) के पूरे ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नीति आयोग केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक बेहद व्यापक और आधुनिक ‘शहरी एजेंडा’ (Urban Agenda) तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह स्पष्ट है कि केंद्र और सभी राज्य सरकारें मिलकर भारत को वर्ष २०४७ तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सिद्ध करने के लिए एक मजबूत रोडमैप पर आगे बढ़ने को तैयार हैं।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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