दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जगज्जननी माँ भगवती के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी को कोटि-कोटि नमन।

तप, त्याग और संयम की अधिष्ठात्री माँ की कृपा से सभी के जीवन में धैर्य एवं सदाचार का संचार हो, यही प्रार्थना है।

जय माँ ब्रह्मचारिणी।

12 अक्टूबर 2026 का दैनिक पंचांग और शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन से जुड़े शुभ-अशुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं:

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