फोर्टिस अस्पताल में इलाज से पहले बिल की फिक्र, घायल युवक ने तोड़ा दम
इलाज से पहले पैसे की शर्त? फोर्टिस अस्पताल में युवक की मौत पर हंगामा फोर्टिस अस्पताल में युवक की मौत पर हंगामा एक तरफ जहां डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों की कमर्शियल सोच कभी-कभी इंसानियत पर भारी पड़ जाती है। दिल्ली-एनसीआर के नामी फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज शुरू होने से पहले बिल के भुगतान को लेकर हुई देरी के कारण एक घायल युवक ने दम तोड़ दिया।
इलाज से पहले एडवांस और बिल की शर्त!
परिजनों का आरोप है कि युवक को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टरों के सुपरविजन की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इलाज की औपचारिकताएं शुरू करने से पहले भारी-भरकम एडवांस और बिल की फिक्र जतानी शुरू कर दी। कागजी कार्रवाई और पैसों के इंतजाम के फेर में कीमती समय बर्बाद होता रहा और घायल युवक जिंदगी की जंग हार गया।
परिजनों का हंगामा और सुरक्षा पर सवाल
युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर अस्पताल ने बिल की फिक्र छोड़कर तुरंत उपचार शुरू कर दिया होता, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों के ‘इलाज से पहले पैसा’ वाले रवैये और इमरजेंसी गाइडलाइंस (Emergency Medical Care Rules) के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, पुलिस को इस मामले की सूचना दे दी गई है और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी आधिकारिक सफाई आना बाकी है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

महेश दीक्षित बने IB के नए डायरेक्टर!
