ग्रेटर नोएडा साइट 5 में जलभराव
ग्रेटर नोएडा साइट-5 में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली: वर्षा के बाद के-ब्लॉक में भारी जलभराव; कारोबारियों ने दी यूपीसीडा के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी!
नोएडा (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के ग्रेटर नोएडा स्थित औद्योगिक क्षेत्र साइट-5 (के-ब्लॉक) में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली ने उद्यमियों (कारोबारियों) और कामगारों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले दिनों हुई वर्षा के बाद से यहां हालात इतने बदतर हो गए हैं कि फैक्ट्रियों तक पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। जाम नालियों और सड़कों पर फैले गंदे पानी से परेशान कारोबारियों ने अब प्रशासन के रवैये के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करने की खुली चेतावनी दे डाली है।
🌊 फैक्ट्रियों के गेट तक भरा बदबूदार पानी, कामगार हो रहे बीमार
के-ब्लॉक की मुख्य सड़कों और औद्योगिक परिसरों के आसपास जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है:
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जाम नालियां बनीं मुसीबत: क्षेत्र की नालियों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण वे पूरी तरह चोक (जाम) हो चुकी हैं। वर्षा का पानी निकलने का कोई रास्ता न होने से नालियों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर ओवरफ्लो होकर बह रहा है।
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स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा: फैक्ट्रियों के मुख्य द्वारों तक गंदा पानी जमा होने के कारण चारों तरफ भयंकर बदबू फैल गई है, जिससे वहां काम करने वाले श्रमिक और कर्मचारी लगातार बीमार पड़ रहे हैं।
🏍️ आए दिन हो रहे हादसे, पैदल चलना भी दूभर
सड़कों पर हुए इस जलभराव के कारण औद्योगिक क्षेत्र में आवाजाही करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
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फिसल रहे हैं वाहन: सड़कों पर गंदा पानी और कीचड़ जमा होने की वजह से कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।
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कामकाज प्रभावित: पैदल चलने वाले श्रमिकों को रोजाना इसी बदबूदार पानी के बीच से होकर फैक्ट्रियों के अंदर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे औद्योगिक इकाइयों का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सफाई न होने पर बड़े आंदोलन की तैयारी
स्थानीय कारोबारियों और उद्यमी संगठनों का आरोप है कि यूपीसीडा (UPSIDA) के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्राधिकरण के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और उदासीनता से नाराज होकर कारोबारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही नालियों की व्यापक सफाई कराकर जलभराव की समस्या को दूर नहीं किया गया, तो वे कामकाज ठप कर प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करेंगे और सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

