बिहार नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग
नीट परीक्षा में महासेंधमारी: बिहार में बायोमेट्रिक सिस्टम हैक कर बैठाए नकली परीक्षार्थी; सॉल्वर गैंग के 30 गुर्गे गिरफ्तार, मेडिकल छात्र था मास्टरमाइंड!
देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG में धांधली और सॉल्वर गैंग की सक्रियता का एक और बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार के लखीसराय और अन्य केंद्रों पर हुई नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सीधे ‘बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली’ (Biometric Verification System) में ही सेंध लगा दी। इस हाईटेक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने गिरोह के मुख्य संचालक सहित 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।
💻 बायोमेट्रिक सिस्टम में लगाई सेंध, ऐसे मिला अंदर प्रवेश
रविवार को हुई नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग ने सुरक्षा जांच को पार करने के लिए एक बेहद खतरनाक तरीका अपनाया:
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जांच कर्मियों से साठगांठ: पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह ने बायोमेट्रिक जांच प्रक्रिया से जुड़े वेंडर्स या कर्मियों के साथ अंदरूनी मिलीभगत कर रखी थी।
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फर्जी प्रवेश: इसी साठगांठ के दम पर असली अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट और थंब इंप्रेशन की जगह फर्जी परीक्षार्थियों (स्कॉलर्स) को आसानी से परीक्षा हॉल के भीतर प्रवेश दिला दिया गया, जिससे डिजिटल सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ।
🩺 पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र रविशंकर निकला मास्टरमाइंड
इस पूरे रैकेट को चलाने वाला कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि खुद डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा एक सीनियर छात्र है:
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रविशंकर का नेटवर्क: जांच में यह साफ हो गया है कि पावापुरी मेडिकल कॉलेज (राजगीर) का छात्र रविशंकर ही इस पूरे सॉल्वर नेटवर्क का मुख्य संचालक (मास्टरमाइंड) था।
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मेडिकल छात्रों को बनाया ‘सॉल्वर’: रविशंकर ने विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को पैसों का लालच देकर ‘सॉल्वर’ के रूप में तैयार किया था, जिन्हें असली छात्रों की जगह परीक्षा देने के लिए मोटी रकम पर बिठाया गया था।
💰 10-12 लाख रुपये में हुआ था प्रति छात्र सौदा
यह पूरा खेल करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
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मोटा सौदा: गिरोह ने मेडिकल सीट पक्की कराने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों से 10 से 12 लाख रुपये का सौदा तय किया था।
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अग्रिम भुगतान: परीक्षा से पहले ही टोकन अमाउंट के रूप में एक बड़ी राशि वसूल ली गई थी, जिसे बाद में गिरोह के सदस्यों और साल्वर बने छात्रों में बांटा जाना था।
लखीसराय पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) अब गिरफ्तार किए गए सभी 30 आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट के तार बिहार के अलावा अन्य राज्यों के परीक्षा केंद्रों और बड़े कोचिंग सेंटरों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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