संसद में वंदे मातरम् बिल पारित

राज्यसभा के बाद अब लोकसभा से भी ‘वंदे मातरम् बिल’ पास: विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों की मिली मंजूरी; अपमान करने पर होगी 3 साल की जेल

विशेष राष्ट्रीय एवं संसदीय मामलों का ब्यूरो: नई दिल्ली

संसद के दोनों सदनों से ‘वंदे मातरम् बिल’ (Vande Mataram Bill) सफलतापूर्वक पारित हो गया है। बुधवार, 29 जुलाई को राज्यसभा से हरी झंडी मिलने के बाद आज गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा ने भी इस बिल को अपनी मंजूरी दे दी। दोनों सदनों में पास होने के बाद अब इसे अंतिम स्वीकृति और कानून का रूप देने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

यह बिल 24 जुलाई को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा राज्यसभा में पेश किया गया था। सरकार का कहना है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अभूतपूर्व भूमिका निभाने वाले इस राष्ट्रीय गीत की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए यह कानून अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रगान की तर्ज पर मिलेगी कानूनी सुरक्षा; 3 साल की सजा का प्रावधान

राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह बिल देश में प्रभावी कानून बन जाएगा। इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के समान ही कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी:

  • अपराध की श्रेणी में अपमान: नए कानून के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना या इसे गाए जाने के दौरान बाधा उत्पन्न करना गंभीर अपराध माना जाएगा।

  • रोकने पर भी कार्रवाई: किसी व्यक्ति को वंदे मातरम् गाने से रोकना भी गैर-कानूनी और दंडनीय होगा।

  • जेल व जुर्माना: वंदे मातरम् का अपमान करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है (वही सजा जो राष्ट्रगान के अपमान पर लागू होती है)।

सभी छह छंदों को गाने और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए नए नियम

इस विधेयक में राष्ट्रीय गीत के सभी छह छंदों (Verses) को गाने का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार:

  1. पहले बजेगा राष्ट्रीय गीत: जिन भी सरकारी व आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों बजाए या गाए जाएंगे, वहां सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ गाया/बजाया जाएगा।

  2. सावधान की मुद्रा अनिवार्य: राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के समय सभी को ‘अटेंशन’ (सावधान) की मुद्रा में सम्मानपूर्वक खड़ा होना अनिवार्य होगा।

लोकसभा में इस ऐतिहासिक बिल के पारित होते ही विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को शुक्रवार, 31 जुलाई की सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

राष्ट्रीय एवं संसदीय मामलों का ब्यूरो: नई दिल्ली

राष्ट्रीय एवं अपराध ब्यूरो: नई दिल्ली

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,


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