उत्तराखंड HC: ‘यह गुंडागर्दी है’
CJP विरोध प्रदर्शन: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, दिल्ली जाने वाले प्रदर्शनकारी को रोकने पर कहा— ‘यह गुंडागर्दी है’
उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) ने राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई है। मामला दिल्ली में ‘सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे एक व्यक्ति को पुलिस द्वारा जबरन रोके जाने से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने पुलिस के इस रवैये पर सख्त नाराजगी जताते हुए इसे सीधे तौर पर “गुंडागर्दी” करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
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दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने पर रोक: याचिकाकर्ता दिल्ली में आयोजित CJP के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जा रहा था, लेकिन यात्रा के दौरान उत्तराखंड पुलिस ने उसे रोक दिया और आगे बढ़ने से मना कर दिया।
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अदालत का दरवाजा खटखटाया: पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नागरिक अधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के हनन का मुद्दा उठाया।
“यह राज्य पुलिस की गुंडागर्दी है” – हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
सुनवाई के दौरान उत्तराखंड हाईकोर्ट की पीठ ने पुलिस अधिकारियों की इस मनमानी पर कड़ा एतराज जताया:
“किसी नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना और उसकी आवाजाही पर पाबंदी लगाना सीधे तौर पर अधिकारों का हनन है। पुलिस का यह व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है— यह पूरी तरह से गुंडागर्दी है।”
عدालत ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत प्रत्येक नागरिक को देश में कहीं भी आने-जाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने का मौलिक अधिकार प्राप्त है, और पुलिस कानून व्यवस्था के नाम पर इन अधिकारों का दमन नहीं कर सकती।
पुलिस प्रशासन से मांगा जवाब
उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों और राज्य प्रशासन को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपनी इस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण दें। अदालत के इस सख्त रुख के बाद राज्य के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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