यूपी बना देश का नया स्टार्टअप हब

‘स्टार्ट इन यूपी’ की धूम: 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ यूपी बना स्टार्टअप्स का नया ग्लोबल ठिकाना

लखनऊ, 19 जनवरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि देश के अग्रणी स्टार्टअप हब (Startup Hub) के रूप में उभर रहा है। ‘स्टार्ट इन यूपी’ नीति के तहत प्रदेश में 7 अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए सरकार ने ₹27.18 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।

भविष्य की तकनीक: ब्लॉकचेन से ड्रोन तक का सफर

योगी सरकार का फोकस उन तकनीकों पर है जो आने वाले समय में दुनिया को बदलेंगी। ये सेंटर मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग

  • 5G और 6G टेलीकॉम टेक्नोलॉजी

  • ब्लॉकचेन और डिजिटल इकोनॉमी

  • ड्रोन और यूएवी (UAV) डिजाइन

  • मेडटेक (हेल्थकेयर इनोवेशन)

  • एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग)

आईआईटी और आईआईएम बने स्टार्टअप्स के ‘रॉकेट इंजन’

उत्तर प्रदेश के इन केंद्रों को देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों का साथ मिला है, जिससे स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल रही हैं:

  1. आईआईएम लखनऊ (नोएडा कैंपस): माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से यहाँ ब्लॉकचेन सेंटर बनाया गया है, जहाँ स्टार्टअप्स को ₹75 लाख तक की सीड फंडिंग मिल रही है।

  2. आईआईटी कानपुर: यहाँ 5G/6G, AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर रिसर्च हो रही है। यहाँ डीजीसीए (DGCA) अनुमोदित फ्लाइट टेस्टिंग जोन भी उपलब्ध है।

  3. आईआईटी रुड़की (सहारनपुर): 6G विजन पर आधारित वायरलेस कम्युनिकेशन सेंटर।

  4. एसटीपीआई लखनऊ: मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स (मेडटेक) के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मेंटरशिप दिला रहा है।

₹10 करोड़ तक की मदद और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

सरकार ने प्रावधान किया है कि प्रत्येक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को 5 वर्षों के भीतर आत्मनिर्भर बनना होगा। इसके लिए:

  • सरकार स्थापना के लिए ₹10 करोड़ तक की ग्रांट दे रही है।

  • स्टार्टअप्स को सुपरकंप्यूटिंग, अत्याधुनिक लैब्स और टेस्टिंग फैसिलिटी मुफ्त या रियायती दरों पर मिल रही है।

  • हजारों युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के जरिए नए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

औद्योगिक नवाचार में गाजियाबाद और सहारनपुर की धमक

गाजियाबाद का एकेजीईसी (AKGEC) सेंटर एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के जरिए एमएसएमई (MSME) सेक्टर को डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ रहा है। वहीं, सहारनपुर का केंद्र भविष्य की टेलीकॉम क्रांति का आधार तैयार कर रहा है।

“हमारा उद्देश्य यूपी को राष्ट्रीय स्टार्टअप लीडर बनाना है, ताकि हमारे युवा न केवल नौकरी खोजें बल्कि नौकरी देने वाले (Job Creators) बनें।”मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में ब्लॉकचेन से लेकर ड्रोन तक के लिए बना यह इकोसिस्टम न केवल स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान भी दिला रहा है।

आपकी राय: क्या आपको लगता है कि स्टार्टअप्स के लिए बने ये सेंटर यूपी के युवाओं को विदेश जाने से रोकेंगे? कमेंट में बताएं।


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