केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त राष्ट्र महिला के प्रमुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम – शीलीड्स II: अग्रणी महिलाओं के लिए कार्यशाला के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त राष्ट्र महिला के प्रमुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम – शीलीड्स II: अग्रणी महिलाओं के लिए कार्यशाला के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया

महिला नेतृत्व केवल प्रतिनिधित्व से संबंधित नहीं है, यह विकसित भारत के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहन देने का मुख्य बिंदु है: श्रीमती अन्नपूर्णा देवी

शीलीड्स जैसी पहल महिलाओं को आगे आकर नेतृत्व करने के लिए आवश्यक कौशल और नेटवर्क से लैस करने में महत्वपूर्ण हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हमारा विकास एजेंडा वास्तव में समावेशी है और हर किसी का प्रतिनिधित्व करता है: श्रीमती अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आज नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र महिला के प्रमुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम – शीलीड्स II: अग्रणी महिलाओं के लिए कार्यशाला के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में देश भर से जमीनी स्तर की महिला नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासकों को संवाद को प्रोत्साहन देने, राजनीतिक नेतृत्व कौशल विकसित करने और शासन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए एक मंच पर लाया गया।

संयुक्त राष्ट्र महिला भारत कार्यालय द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला, महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 के ऐतिहासिक रुप से पारित होने के बाद एक महत्वपूर्ण अवसर में आयोजित की जा रही है, जिसके अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में 18वीं लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 14 प्रतिशत है, ऐसे में शीलीड्स जैसी पहल इस प्रतिनिधित्व अंतर को दूर करने के लिए अहम हैं।

श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने मुख्य भाषण में इस बात पर बल दिया कि महिला नेतृत्व केवल प्रतिनिधित्व संबंधित नहीं है, बल्कि यह एक विकसित भारत के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को गति देने का केंद्रबिंदु है। शीलीड्स जैसी पहल महिलाओं को अग्रणी भूमिका निभाने के लिए आवश्यक कौशल और नेटवर्क से लैस करने में अहम भूमिका निभाती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हमारा विकास एजेंडा, चाहे वह 2030 के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में हो या भारत के एजेंडा 2040 की दिशा में, वास्तव में समावेशी हो और हर किसी का प्रतिनिधित्व करता हो।

भारत, श्रीलंका और भूटान में नॉर्वे की राजदूत, सुश्री मे-एलिन स्टेनर ने अपने संबोधन में कहा कि नॉर्वे को अग्रणी महिलाओं को सशक्त बनाने और समावेशी शासन को प्रोत्साहन देने वाली पहलों का समर्थन करने पर गर्व है। शीलीड्स जैसी पहल नीतिगत प्रतिबद्धताओं को वास्तविक दुनिया में प्रभाव में परिवर्तिन के लिए आवश्यक हैं।

इस वर्ष, कार्यशाला के लिए 22 राज्यों से 260 से ज़्यादा आवेदन मिले, जो फरवरी में इसके उद्घाटन सत्र की तुलना में दोगुने से भी अधिक थे। एक कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद, 36 प्रतिभागियों को उनके अनुभव, प्रेरणा और भविष्य की योजनाओं के आधार पर चयनित किया गया। दो दिनों के दौरान प्रतिभागी सांसदों, नीति विशेषज्ञों और मीडिया रणनीतिकारों के साथ संवादात्मक सत्रों में भागीदारी करेंगे, जिनमें चुनावी प्रचार, शासन संरचना, कथा-निर्माण और प्रभावी मीडिया कार्य जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।

संयुक्त राष्ट्र महिला भारत की प्रतिनिधि सुश्री कांता सिंह ने कार्यक्रम में संबोधन करते हुए कहा कि  विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है। अग्रणी महिलाएं न केवल अपने समुदायों में परिवर्तन लाती हैं, बल्कि सभी नागरिकों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाली नीतियों और शासन को स्वरुप देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। शीलीड्स हमारा प्रयास है कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ इन भूमिकाओं में आगे बढ़ने के लिए मंच, कौशल और नेटवर्क उपलब्ध हो।

शीलीड्स :

शीलीड्स संयुक्त राष्ट्र महिला भारत कार्यालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक और राजनीतिक नेतृत्व में लैंगिक समानता को प्रोत्साहन देना है, तथा आगामी/अगले लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में अग्रणी महिलाओं को सहयोग प्रदान करना है।

संयुक्त राष्ट्र महिला

संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन महिलाओं के अधिकारों, लैंगिक समानता और सभी महिलाओं व लड़कियों के सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यरत है। लैंगिक समानता पर अग्रणी संयुक्त राष्ट्र संस्था के रूप में, यह लैंगिक अंतर को दूर करने और सभी महिलाओं व लड़कियों के लिए एक समान विश्व के निर्माण हेतु कानूनों, संस्थाओं, सामाजिक व्यवहारों और सेवाओं में परिवर्तन लाती है।

ब्यूरो चीफ, रिजुल अग्रवाल

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